भोपाल /कटनी / काठमांडू
इंदौर से कटनी आ रही अर्चना तिवारी यूपी के लखीमपुर खीरी में मिल चुकी है, लेकिन इस मामले में अब जो खुलासे हो रहे हैं वह चौंकाने वाले हैं. क्योंकि अर्चना तिवारी के मिलने के बाद केस ने अचानक नया मोड़ ले लिया है. इंदौर से कटनी के लिए निकली अर्चना तिवारी की आखिरी लोकेशन भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मिली थी, उसके बाद से वह गायब थी, जिसका कनेक्शन नेपाल के काठमांडू तक निकला है. जिस मामले को अब तक अपहरण या गुमशुदगी का माना जा रहा था, वह एक प्री-प्लान्ड स्क्रिप्ट बताई जा रही है. क्योंकि बताया जा रहा है कि अर्चना तिवारी खुद ही भोपाल से नेपाल के लिए घूमने निकली थी जिसके साथ शुजालपुर का एक युवक भी था. जीआरपी पुलिस आज इस कहानी का पूरा खुलासा करेगी. 
शुजालपुर के सारांश जैन को उठा ले गई जीआरपी पुलिस

 अर्चना तिवारी को भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से काठमांडू तक ले जाने में जिस व्यक्ति की भूमिका है, उसका नाम है सारांश  जैन। यह सारांश जैन शाजापुर जिले के शुजालपुर में मंडी के पास का रहने वाला  है। जीआरपी उसे शुजालपुर से गिरफ्तार  करके ले आई है। वो जीआरपी की हिरासत में  इस समय है। अब अर्चना और सारांश को  आमने-सामने बिठाकर इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस आज करेगी। सारांश को  शुजालपुर से उठा लिया गया है। दूसरा बड़ा खुलासा यह है कि अर्चना को काठमांडू से हिरासत में लिया गया है। सच्चाई यह है कि अर्चना तिवारी काठमांडू में थी। नेपाल में थी और नेपाल में उन्होंने परसों रात यानी कल सुबह अर्ली मॉर्निंग रात को करीब 2:00 बजे 3:00 बजे के आसपास क्या घटना हुई है अब वो आएगी तब बताएगी लेकिन रात में 3:00 बजे से ही उसने अपने परिजनों से संपर्क करना शुरू किया था नेपाल से रात में 2:00 बजे और उसने प्रारंभिक जो जानकारी बताई है वो यह बताई है कि मेरा अपहरण हुआ है और मुझे नेपाल लाया गया है। यद्यपि उसके इस बयान पर किसी को भरोसा नहीं है। पुलिस तो अब तमाम सारे एंगल पे काम कर रही है। काठमांडू से लखीमपुर लाया गया है। इतना तय है कि वो विमान द्वारा लाई गई है। उसे इंडियन एंबेसी ने वहां से रवाना किया है। इंडियन एंबेसी ने उसे काठमांडू में अपने हिरासत में ले लिया था। अपने पास सुरक्षित कर लिया है।