भोपाल। 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा गांवों में वास करती है। महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा- अगर भारत को आगे बढ़ाना है तो गांव, किसान और गरीब की प्रगति पर ध्यान देना होगा, देश अपने आप आगे बढ़ जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बेरोजगारों के हाथों में काम देकर उनके सपनों को साकार करने का प्रयास कर रही है। ग्रामीण अंचलों में छोटे-छोटे कारखाने और उद्योग लगेंगे तो देश स्वतः प्रगति करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब, महिला, युवा और किसान इन चार वर्गों को केंद्र में रखकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में काम किया जा रहा है।
पंचायत सचिव हैं पंचायत व्यवस्था की आत्मा
सीएम ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में सबसे मजबूत इकाई पंचायत है और उसकी आत्मा पंचायत सचिव हैं। चाहे कितना ही बड़ा IAS अधिकारी क्यों न हो, प्रधानमंत्री या राज्य सरकार का निर्णय—सबका वास्तविक क्रियान्वयन पंचायत स्तर पर ही होता है। उन्होंने कहा, “भगवान राम के समय जो असंभव कार्य हनुमान जी करते थे, आज वही काम हमारे पंचायत सचिव करते हैं।” प्रधानमंत्री आवास योजना, जल गंगा अभियान, हर घर जल योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पंचायत सचिवों के माध्यम से ही होता है। कई बार लोग अपने परिवार से अधिक भरोसा पंचायत सचिव पर करते हैं और उन्हें अपने सुख-दुख का सहभागी मानते हैं।
2026 कृषि कल्याण वर्ष, पंचायत सचिवों की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें 16 विभागों को जोड़ा गया है। इन सभी योजनाओं को हितग्राहियों तक पहुंचाने में पंचायत सचिवों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। डिजिटल युग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही दुनिया में डरावने हालात दिखते हों, लेकिन गांवों ने कोविड काल से लेकर अब तक हर चुनौती का मजबूती से सामना किया है।