फ्री मशीन पर वसूली क्यों! कमलनाथ की दान की गई MRI पर भाजपा कांग्रेस आमने सामने
छिंदवाड़ा।
छिंदवाड़ा इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पिता महेंद्र नाथ की स्मृति में साढे़ 6 करोड़ रुपए की MIR मशीन (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) दान में दी थी. इस एमआरआई के संचालन और जांच के लिए निजी कंपनी को ठेका दिया गया था, जो पहले 6000 से ₹9000 तक जांच फीस लेती थी. इसी को लेकर मेडिकल कॉलेज की बैठक में 2 हजार रुपए एमआरआई की फीस तय की गई है.
इसको लेकर सांसद बंटी विवेक साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी उपलब्धि बताया. तो पूर्व सांसद नकुलनाथ ने कहा है कि, ''मशीन किसने दी है, यह पहले पता होना चाहिए. इसके साथ ही 2000 लेने की भी जरूरत नहीं है. बीजेपी सांसद इसे व्यापार बना रहे हैं, उनकी सरकार होने के बाद वे फ्री में जांच के लिए स्टाफ भी उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं.'
'कमलनाथ ने फ्री में दी मशीन, बीजेपी कर रही वसूली'
पूर्व सांसद नकुलनाथ ने कहा कि 5 साल पहले हमने मेडिकल कॉलेज को अत्याधुनिक MRI मशीन फ्री में दी थी. इसका उद्देश्य था छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र के हरेक नागरिक को फ्री में MRI जांच का लाभ मिल सके. भाजपा सरकार पहले तो इस मशीन का संचालन नहीं कर पाई फिर भाजपा के सांसद ने इसे लाभ के धंधे में तब्दील कर दिया है. मैं पूरे आंकड़े निकाल कर इसकी सच्चाई सामने लाऊंगा.' कमलनाथ ने अपने पिता महेन्द्र नाथ की स्मृति में महेन्द्र नाथ मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से खुद के खर्च पर छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज को 4 नवम्बर 2020 को मशीन प्रदान की थी. जिसे मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध जिला अस्पताल में लगाया गया था, जिसकी कीमत साढ़े 6 करोड़ रुपए थी
'3 साल तक बंद रही मशीन, क्यों करते रहे वसूली'
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे बताया कि, 'कमलनाथ ने छिंदवाड़ा जिले की जनता के लिए मशीन फ्री में दी. मशीन के मेंटेनेंस का काम भी 5 सालों तक कंपनी को ही करना था. लेकिन इसके बाद भी खुद सांसद बंटी विवेक साहू बता रहे हैं कि पहले 6000 से ₹9000 तक एमआरआई की फीस ली जाती थी. अब प्रश्न ये उठ रहा है कि जांच पर मरीजों से 6 से 9 हजार रुपए का शुल्क क्यों वसूला जा रहा था. जबकि आउटसोर्स कम्पनी को न्यूनतम 1100 रुपए की दर पर टेंडर मिला था. इसके बावजूद इतने वर्षों तक जांच के नाम पर 6 से 9 हजार रुपए की शुल्क आम जनता से क्यों वसूली. आम जनता से लूट करने का अधिकार किसने दिया. क्या सांसद के लोग यहां से लाभ उठा रहे थे.''
'अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए मशीन से व्यापार'
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने सांसद बंटी विवेक साहू पर आरोप लगाते हुए कहा कि, ''सांसद दरें तय कर इसे लाभ का धंधा बना रही है, यह ठीक नहीं है. क्योंकि कमलनाथ एवं नकुलनाथ ने MRI मशीन फ्री में दी, अब सांसद उसकी दरें तय कर रहे हैं. क्या इसके पहले मरीजों से हड़पी गई राशि भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी और अब पोल खुलने के डर से तमाम हत्थकंडे अपनाए जा रहे हैं. अगर ऐसा है तो इससे बड़ी हैरानी की बात कोई नहीं होगी.''
सांसद ने कहा, मेरी पहल पर कम हुए दाम
मंगलवार को सांसद बंटी विवेक साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि, ''उनकी पहल पर जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में होने वाली MRI के दाम कम कर दिये गये हैं. MRI के दाम कम होने से इसका सीधा लाभ मरीजों को मिल सकेगा. जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में शरीर के किसी अंग का एमआरआई के पहले 6 हजार से 9 हजार तक लगता था जो कि रेट कम होने के बाद अब 2 हजार कर दिया गया है. इसी प्रकार एमआरआई कॉन्ट्रास्ट के लिए पहले 9 से 12 हजार तक का खर्च आता था जो कि अब 3 हजार कर दिया गया है.''

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