जबलपुर। 
मध्य प्रदेश का सबसे लंबा, करीब 7 किलोमीटर का फ्लाईओवर, जो 1100 करोड़ की लागत से 6 साल में बनकर तैयार हुआ। अब अपने पांच महीने पूरे करने जा रहा है। इसके बावजूद, फ्लाईओवर पर नेविगेशन इंडिकेटर्स में खामियां बनी हुई हैं, जिससे राहगीर भ्रमित हो रहे हैं। सीधे जाने वाले रास्तों पर गलत दिशा के संकेत दिख रहे हैं, और इस समस्या को उजागर करने के लिए एक कॉन्स्टेबल ने वीडियो भी बनाया है।
कांस्टेबल ने बनाया वीडियो
बड़े-बड़े डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर भी आगे आने वाली जगहों की दिशाएं गलत दिखाई जा रही हैं। सीधे जाने वाले रास्ते पर राइट टर्न के संकेत दिख रहे हैं, जिससे राहगीर भ्रमित हो रहे हैं। इस भुलभुलैया से लोगों को बचाने के लिए एक कॉन्स्टेबल ने एक वीडियो बनाया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
गलत बोर्ड से हो रही समस्या
गोहलपुर से ब्रिज पर चढ़ने के करीब एक किलोमीटर आगे दमोह नाका चौराहा आता है। यहां से सीधा जाने पर रानीताल और मदन महल आते हैं। जबकि दमोह नाका चौराहे पर लगे डिस्प्ले बोर्ड में रानी ताल और मदन महल जाने के लिए दाहिनी तरफ जाने का संकेत दिखाई दे रहा है। इसके चलते लोगों को कन्फ्यूजन होता है और वे गलती से दाहिने तरफ मुड़ जाते हैं।
कई किलोमीटर पड़ रहा घूमना
इसके बाद उन्हें कई किलोमीटर गलत घूमना पड़ जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना भी बनती है। इस तरह के कई डिस्प्ले बोर्ड नए लोगों को गलत दिशा में भेजने वाले इंडिकेशन दे रहे हैं। जबलपुर के एक पुलिस कांस्टेबल शशांक तिवारी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे मध्य प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर की खामियों की बात करते नजर आ रहे हैं।
पुलिसकर्मी ने खोल दी पोल
वीडियो में पुलिस जवान कह रहे हैं कि यह मध्य प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर है लेकिन ये फ्लाईओवर हमारे जबलपुर के लोगों के लिए बहुत ही बड़ा भुलभुलैया साबित होता है। यहां पर कोई इंडिकेशन ठीक तरीके से नहीं दिए गए हैं। जो भी इंडिकेशन दिए हैं, वे ऐसे हैं कि लोगों को समझ नहीं आते हैं कि इंडिकेशन के हिसाब से सड़क से किस तरफ से उतरें। उन्होंने वीडियो में कुछ तरीके बताए जिससे लोग कन्फ्यूजन से बच सकते हैं।