Today Click 266

Total Click 379343

Date 22-02-19

मनोरंजन

देश

 

खेल

 

वीडियो

संपादकीय

पाक-भारत दक्षिणपंथी एकता जिंदाबाद!

प्रयागराज में आयोजित धर्म संसद मं एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसके द्वारा सबरीमाला में प्रवेश के मुद्दे को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जोड़ा गया। भागवत ने कहा कि सबरीमाला एक सार्वजनिक स्थल नहीं है। वह एक ऐसा स्थल है जिसकी अपनी परंपरा और अनुशासन है। सर्वोच्च न्यायालय यह बात भूल गया गया कि उसके इस निर्णय से…

विस्तार से देखें

कुम्भ की सार्थकता बनाम राजनीतिक उपयोग

भारतीय राजनीति में धर्म का प्रमुख साधन के रूप में उपयोग करने की प्रवृत्ति बढ़ी तो उसका कारण यह था कि लोकतंत्र की प्रतिष्ठा के बाद की नई राजनीति में धर्म, पूजा पद्धतियों तथा उनसे जन्मी साम्प्रदायिकता को बड़ा महत्व नहीं मिल पाया था। आजादी के बाद लोकतांत्रिक संविधान बनाकर 1952 में लोकसभा चुनाव के प्रयोग से पहले देश केे…

विस्तार से देखें

पश्चिम बंगाल का ममता संकट

नरेन्द्र मोदी को 2014 में सत्ता मिलने का सबसे बड़ा कारण लोगों का यह विश्वास था कि वे सरकार बनाकर भ्रष्ट लोगों को कानून के शिकंजे में लाएंगे और आगे भ्रष्टाचार न हो या न्यूनतम हो इसकी संस्थानिक व्यवस्था करेंगे, लेकिन उन्होंने इस दिशा में अपनी सरकार के प्रारंभिक चार सालों तक कुछ किया ही नहीं। भ्रष्टाचार के एक से…

विस्तार से देखें

न्यूनतम समर्थन मूल्य की पालिसी को सीमित कीजिये

किसान की आय बढ़ाने के लिए फसलों के उत्पादन और मूल्य को बढ़ाने की नीति घातक है चूँकि देश के पास इतना पानी ही नहीं है। अत: हमको उत्पादन घटाकर किसान की स्थिति में सुधार लाना होगा।  इसके लिए हर किसान, चाहे वह युवा हो या वृद्ध, उसे एक निश्चित रकम पेंशन के रूप में हर वर्ष दे दी जानी…

विस्तार से देखें

स्टील फ्रेम ब्रेक्जिट डील का टूटना

ब्रिटेन में जो बदलाव आने की सम्भावना है उससे दुनिया पर असर न पड़े ऐसा हो नहीं सकता। सभी को अपनी चिंता है। सवाल तो यह भी है कि आखिर किसी संघ का निर्माण क्यों होता है और उससे क्या अपेक्षाएं होती हैं? क्या ब्रिटेन की अपेक्षाओं पर यूरोपीय संघ खरा नहीं उतरा? जाहिर है इसकी भी जांच-पड़ताल समय के…

विस्तार से देखें

हड़ताल बेअसर रही, सवाल नहीं

नया साल आते ही उम्मीदें की जाती हैं कि हर बात में नयापन दिखेगा। काम में नया जोश, जिंदगी के लिए नई उम्मीदें, बेहतर भविष्य के लिए नए संकल्प। लेकिन भारत की इस वक्त जो तस्वीर है, उसमें ऐसा नहीं लगता। नए साल के दूसरे सप्ताह में ही बढ़ते आर्थिक संकट, मूल्य वृद्धि और जबरदस्त बेरोजगारी के खिलाफ ट्रेड यूनियनों…

विस्तार से देखें

अयोध्या विवाद : असली सवाल तार्किक परिणति का

 न्यायालय की सुनवाई करने वाली पीठ के निर्णय के बाद ही विवाद के भविष्य के स्वरूप और उसकी सुनवाई की तिथियों पर भी फ ौरी निर्णय होंगे। आस्थाओं और विश्वासों का खयाल रखने के आग्रह को किस रूप में ले, समूहगत माने या व्यक्तिगत या तिथियों के निर्धारण का आधार क्या रखे, इन सारे बिन्दुओं के साथ ही न्यायालय को…

विस्तार से देखें

सच हो जाएगी भस्मासुर की कहानी

धर्म को निजी जीवन का हिस्सा बनाने की जगह सार्वजनिक और राजनैतिक जीवन में जरूरत से ज्यादा तरजीह देने का परिणाम अब कई भयानक रूपों में सामने आ रहा है। देश में अगले कुछ महीनों में आम चुनाव हो सकते हैं, उससे पहले अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मुद्दा फिर राजनीति के केेंद्र में आ चुका है। अब तक…

विस्तार से देखें