• सैमसन-यशस्वी और अभिषेक-गिल के बीच टक्कर

नई दिल्ली। गिल और यशस्वी इंग्लैंड के खिलाफ इसी साल फरवरी में खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज का हिस्सा नहीं थे। गिल और यशस्वी, दोनों ने अपना-अपना पिछला टी20 मुकाबला जुलाई 2024 में पल्लेकल में श्रीलंका के खिलाफ खेला था इंग्लैंड दौरे की समाप्ती के बाद अब भारत का अगला असाइनमेंट एशिया कप है। इसकी शुरुआत नौ सितंबर से होगी और सारे मैच यूएई में खेले जाएंगे। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ ही करेगी। इसके बाद शेड्यूल के मुताबिक, टीम इंडिया 14 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलेगी। हालांकि, इस टूर्नामेंट से पहले चयनकर्ताओं के सामने असली चुनौती है। दरअसल, शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल पिछले कुछ समय से टी20 टीम का हिस्सा नहीं थे और अब अगर ये एशिया कप के लिए खुद को उपलब्ध बताते हैं तो चयनकर्ताओं के सामने ये चुनौती होगी कि ओपनिंग के लिए किसे चुना जाए। 
गिल और यशस्वी इंग्लैंड के खिलाफ इसी साल फरवरी में खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज का हिस्सा नहीं थे। गिल और यशस्वी, दोनों ने अपना-अपना पिछला टी20 मुकाबला जुलाई 2024 में पल्लेकल में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। इसके बाद से किसी भी टी20 सीरीज में ओपनिंग की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के कंधों पर रही है। जुलाई 2024 के बाद भारत ने बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेली हैं और अभिषेक और सैमसन पर ही ओपनिंग की जिम्मेदारी रही है। हालांकि, अगर गिल और यशस्वी वापसी करते हैं तो ओपनिंग किसे दी जाएगी, यह सबसे बड़ा सवाल है। सैमसन खुद भी बता चुके हैं कि उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव ने यह जिम्मेदारी निभाने को कहा था। हालांकि, तब सूर्यकुमार ने उन्हें सात मैचों की बात कही थी। यानी बांग्लादेश के खिलाफ तीन और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चार मैच। इस सात मैचों में सैमसन ने तीन शतक जड़े थे और खुद को साबित किया था। वहीं, अभिषेक मौजूदा समय में टी20 के नंबर एक बल्लेबाज हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टी20 में अपनी कई तूफानी पारियों से धमाल मचा दिया है। वहीं, गिल टेस्ट टीम के कप्तान हैं और यशस्वी विस्फोटक ओपनर हैं। ऐसे में अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति के सामने एक सही स्क्वॉड चुनने की जिम्मेदारी होगी।

सैमसन और अभिषेक ने हाल फिलहाल में खुद को साबित किया है और उनके आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। सैमसन और अभिषेक को पिछले साल अक्तूबर से साथ ओपनिंग करने की जिम्मेदारी मिली और तब से भारत ने 12 में से 10 टी20 जीते हैं। इसके अलावा सैमसन विकेटकीपर की अतिरिक्त भूमिका निभाते हैं, जबकि अभिषेक स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं। सैमसन ने अब तक टी20 में 42 मैचों में 152.39 के स्ट्राइक रेट से 861 रन बनाए हैं। इनमें तीन शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, अभिषेक ने 17 टी20 मैचों में 193.85 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 535 रन बनाए हैं। इनमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। 

अगले साल टी20 विश्व कप होना है और उसे देखते हुए इन दोनों की ओपनिंग जोड़ी को छेड़ना खतरे से खाली नहीं होगा। साथ ही यह भी देखने वाली बात है कि शुभमन और यशस्वी को मध्यक्रम में भी शामिल नहीं किया जा सकता, क्योंकि तीसरा नंबर कप्तान सूर्यकुमार के लिए रिजर्व है और चौथे नंबर पर हाल फिलहाल में तिलक वर्मा ने कई बेहतरीन पारियां खेली हैं। तिलक ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार दो मैचों में दो शतक जड़े थे। इसके बाद पावर हीटर्स का नंबर आता है और शिवम दुबे और रिंकू सिंह सरीखे बल्लेबाजों को मौका मिलेगा। ऐसे में गिल और यशस्वी एशिया कप के लिए चुने जाएंगे या नहीं, इस पर भी बड़ा सवाल है। 

अगर गिल और यशस्वी चुने जाते हैं और तो संभव है कि गिल को अभिषेक के साथ ओपनिंग संभालने कहा जाए और सैमसन से तीसरे या फिर चौथे नंबर पर बल्लेबाजी कराई जाए। यशस्वी को इस स्थिति में भी बेंच पर बैठना पड़ सकता है। गिल ने अभी तक भारत के लिए 21 टी20 में 30.42 की औसत और 139.28 के स्ट्राइक रेट से 578 रन बनाए हैं। इनमें तीन अर्धशतक और एक शतक शामिल है। वहीं, यशस्वी ने 23 टी20 में 36.15 की औसत और 164.32 के स्ट्राइक रेट से 723 रन बनाए हैं। इनमें पांच अर्धशतक और एक शतक शामिल हैं।