विदिशा में पंचायत स्तर पर खुले आम हुआ करोड़ों को भ्रष्टाचार, टूट गए घोटालों के सारे पुराने रिकॉर्ड!
विदिशा।
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में पंचायत स्तर पर खुलेआम हुए करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का उजागर हुआ है. बात लटेरी तहसील के ग्राम पंचायत दनवास की हो रही है, जहां सड़क और पानी जैसे आधारभूत सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा भेजे गए करोड़ों रुपए पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा डकार लिए गए. भारत की आत्मा उसके गांवों में बसती है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के इन्हीं शब्दों पर चलते हुए सरकारें गांवों के विकास के लिए सड़क, पानी और बिजली जैसी आधारभूत सुविधा मुहैया कराने के लिए अरबों रुपए देती है, क्योंकि गांव बेहतर होगा तो देश बेहतर होगा.
75 साल बाद भी नहीं बदली ग्राम पंचायत दनवास की तस्वीर
रिपोर्ट के मुताबिक विदिशा जिले के लटेरी तहसील के ग्राम पंचायत दनवास में करोड़ों रुपए का बजट सरकारी योजनाओं के लिए आए, लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी पंचायत की तस्वीर नहीं बदल सकी है. हालांकि कागजों पर दनवास ग्राम पंचायत में विकास की गंगा बह रही है, लेकिन उसकी सच्चाई सामने आई तो ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई.
100 सालों से अटका है ग्राम पंचायत दनवास का विकास कार्य
गौरतलब है ग्राम पंचायत दनवास के विकास के लिए विभिन्न सरकारों द्वारा अरबों रुपए भेजे जा चुकी है, लेकिन पैसे खर्च हो गए, लेकिन प्रस्तावित विकास परियाजनाएं आधी-अधूरी पड़ी है, जिससे ग्राम पंचायत दनवास के कई गांवों की तस्वीर बेहद डरावनी है, जहां सड़क, पानी और विकास पिछले 100 सालों से अटका हुआ है. ग्राम पंचायत दनवास को भ्रष्टाचार नामक दीमक ने पूरी तरह से खोखला कर दिया है. यहां भ्रष्टाचार का बड़ा खेल खुलेआम खेला गया है और अब तक 79 लाख रुपए से अधिक के गबन किया जा चुका है. भ्रष्टचारी कागजों पर विकास कार्य दिखाकर लाखों रुपए डकारे जा चुके हैं.
गांव की विकास डायरी लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे ग्रामीण
ग्रामीण बताते हैं कि गांव में नाली बननी थी, जिसके निर्माण के लिए आया बजट का पैसा जिम्मेदारों द्वारा निकला गया, लेकिन नाली अब तक बनकर तैयार नहीं हुई है. दूसरी ओर प्रस्तावित सीसी रोड के लिए अनुशंसित पैसा भी निकाल लिया गया, जबकि अभी तक एक इंच भी सीसी रोड नहीं बन पाया है.
विकास कार्यों के लिए पास बजट के पैसों को खुलेआम लूटा गया
उल्लेखनीय है ग्राम पंचायत दनवास में आधारभूत विकास के लिए आए करोड़ों रुपए कागजों पर काम दिखाकर लूटा गया और उसे खर्च भी कर दिया गया, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ. विकास कार्यों के लिए पास हुए बजट के पैसो का हिसाब मांगा गया, तो जिम्मेदारों द्वारा गोल मोल जवाब दिया जा रहा है. ग्रामीणों का दावा है कि पिछले तीन साल में लगभग 70 लाख रुपए का गबन हो चुका है. ग्रामीणों ने बताया कि जबपंचायत पोर्टल पर लॉग इन कर उन्होंने हिसाब किया तो उनके होश उड़ गए. कागजों में ग्राम पंचायत दनवास अमेरिका है, लेकिन बदहाली आज भी गांव को चिढ़ा रही है.
विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत पर नहीं होती कार्रवाई
बड़ी बात यह है कि ग्राम पंचायत दनवास में विकास कार्यौं के लिए आए पैसों के भ्रष्टाचार की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है. हर बार अधिकारी रटा-रटाया जवाब देकर अपनी जिम्मेदारियों से इतिश्री कर लेते हैं. अधिकारी कहते हैं कि मामला संज्ञान में है, लेकिन अभी तक भ्रष्टाचार को लेकर कोई जांच नहीं की गई है.
कागजी विकास में गांव में विकास की नदिया बहती दिखाई गई
आंकड़ों के मुताबिक विदिशा जिले के ग्राम पंचायत दनवास की कुल आबादी करीब 1300 है. कागजी विकास में गांव में विकास की नदियां बहती दिखाई गई है, लेकिन सच्चाई उससे कोसों दूर है. क्योंकि वहां जमीन तो है, लेकिन उस पर दिखाए गए नाली, सड़क, गौशाला मौके से नदारद पाए गए हैं.

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