• सरकार बोली- 43 लोग लापता

देहरादून। उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद आई आपदा में तबाह हुआ धराली गांव अब दोबारा उस जगह नहीं बसेगा। सोमवार को CM हाउस में हुई बैठक में यह फैसला हुआ है। तय हुआ कि धराली गांव सुरक्षित जगह शिफ्ट होगा। नदियों के किनारे और लैंडस्लाइड वाले संवेदनशील क्षेत्रों में कोई भी नया निर्माण नहीं होगा। इस तरह की संवेदनशील जगहों वाले अन्य गांव भी शिफ्ट किए जा सकते हैं।बीते 10 साल में धराली इलाके में तीन आपदाएं आईं। तीन बार गांव तबाह हुआ, लेकिन हर बार स्थानीय लोगों ने वहां नई इमारतें खड़ी कर लीं। फिलहाल आपदा के 7 दिन बाद भी धराली गांव लाखों टन मलबे में दबा है। उत्तरकाशी के धराली में 5 अगस्त को दोपहर 1.45 बजे बादल फट गया था। खीर गंगा नदी में बाढ़ आने से 34 सेकेंड में धराली गांव जमींदोज हो गया था। सरकार ने सोमवार को बताया कि कुल 43 लोग लापता हैं। इनमें से एक ही शव मिल पाया है।