उमरिया (मानपुर)।
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के मानपुर में किसानों के मुद्दे पर प्रदर्शन करने उतरी कांग्रेस और प्रशासन के बीच उस वक्त तीखी नोकझोंक हो गई, जब पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और स्थानीय तहसीलदार आपस में भिड़ गए। बातचीत से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते 'तू-तू मैं-मैं' और 'तमीज' के दायरे तक पहुंच गया। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद मौके पर जमकर नारेबाजी हुई और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
"आंख मत दिखाइए..." और गरमा गया माहौल
जानकारी के अनुसार, मानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े थे कि वे अपना ज्ञापन सिर्फ और सिर्फ कलेक्टर को ही सौंपेंगे। कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग के बीच, जब तहसीलदार कांग्रेस नेताओं को समझाने और ज्ञापन लेने पहुंचे, तो बातचीत के दौरान चिंगारी भड़क गई। बातचीत के दौरान जब तहसीलदार ने पूर्व मंत्री की तरफ देखा, तो कमलेश्वर पटेल भड़क गए। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा— "आंख मत दिखाइए।"
तहसीलदार ने दिया करारा जवाब: "तमीज से बात कीजिए"
पूर्व मंत्री के इस तेवर पर तहसीलदार ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया। उन्होंने दो टूक जवाब देते हुए कहा— "आप भी तमीज से बात कीजिए।" तहसीलदार का यह जवाब सुनते ही वहां मौजूद कांग्रेस समर्थक और कार्यकर्ता उग्र हो गए। उन्होंने अधिकारी को चारों तरफ से घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। बहस बढ़ती देख तहसीलदार ने कहा— "आप तो मुझे धमका रहे हैं।" इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उल्टा अधिकारी पर ही नेताओं को धमकाने और बदतमीजी करने का आरोप मढ़ दिया।
कलेक्टर के इंतजार में 6 घंटे बैठे रहे नेता
इस तीखी बहस के बाद भी कांग्रेस का धरना खत्म नहीं हुआ। कलेक्टर को मौके पर बुलाने की जिद में पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और कांग्रेस नेता करीब छह घंटे तक कड़कती धूप और हंगामे के बीच बैठे रहे, लेकिन कलेक्टर नहीं पहुंचे।
अपर कलेक्टर के पहुंचने पर खत्म हुआ धरना
आखिरकार, प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर (डिप्टी कलेक्टर) को मौके पर भेजा गया। उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेताओं की मांगों को सुना और उनका ज्ञापन लिया। अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद ही कांग्रेसियों का यह आक्रोशित धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ। लेकिन इस दौरान पूर्व मंत्री और तहसीलदार के बीच हुई इस 'हॉट टॉक' की चर्चा अब पूरे प्रदेश के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में तेजी से चल रही है।