उज्जैन। 
उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन इसको लेकर विरोध तेज होता जा रहा है. आरएसएस के अनुषांगिक संगठन भारतीय किसान संघ ने जमीन अधिग्रहण का विरोध किया है. इसके साथ ही कई मांगों को लेकर प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया. वहीं, इस मामले को लेकर 16 सितंबर को किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना और अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोह मिश्र भी उज्जैन पहुंचेगे, जहां किसान ट्रैक्टर रैली निकालेंगे.
किसान संघ का सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन
किसान संघ ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपा. इसमें अलग-अलग जिलों की समस्याओं को शामिल किया गया है. भारतीय किसान संघ की भोपाल इकाई ने 23 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा. इसमें जिले में बीमा से हर बार भोपाल जिले को प्रधानमंत्री बीमा योजना से वंचित रखने जाने का मुद्दा उठाया. संघ का कहना है "3 साल से सोयाबीन की फसल एवं धान, मक्का आदि पीला मौजिक कीटों और अतिवृष्टि से खराब हुई है. इसका सर्वे तो हुआ लेकिन बीमा में किसानों को लाभ नहीं मिल सका. किसानों को लाभ दिलाने की मांग की गई है."
मुख्यमंत्री बोले- किसानों से संवाद जारी है
उधर, लैंड पुलिस एक्ट को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा "लैंड पुलिंग का मामला हो या फिर कोई और, सभी तरह के विकास का काम हों, हमारा भाव है कि सबसे संवाद करते हुए सबके हित की बात करें. प्रयागराज के कुंभ के बाद उज्जैन सिंहस्थ में करोड़ों लोग आने वाले हैं, सभी की सुरक्षा देखना है. स्थाई संरचना के काम करना, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश है. किसानों के साथ भी संवाद चल रहा है, हम किसी को भी नाराज नहीं करना चाहते. हम सभी के साथ मिलकर साथ चलने की कोशिश करते हैं. विकास के क्रम को बनाए रखेंगे. उम्मीद है कि इसमें सभी का समर्थन मिलता रहेगा."