उज्जैन में लैंड पूलिंग मोहन सरकार के लिए बना सिरदर्द, सीएम ने दिया करोड़ों लोगों की सुरक्षा का हवाला
भोपाल।
मध्यप्रदेश के उज्जैन में लैंड पूलिंग का मामला गर्माता जा रहा है. सिंहस्थ 2028 के लिए किसानों की जमीन को अधिग्रहित करने के मामले में प्रभावित 17 गावों के किसान विरोध कर रहे हैं. इधर लैंड पूलिंग मामले में अखिल भारतीय किसान महासंघ ने भी मोर्चा खोल दिया है और 16 सितंबर को उज्जैन में बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी कर ली है. इधर उज्जैन में किसानों के प्रदर्शन से ठीक एक दिन पहले सोमवार को राजधानी में सीएम ने लैंड पुलिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है.
लैंड पूलिंग मामले ने पकड़ा जोर
अखिल भारतीय किसान महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने बताया, '' 16 सितंबर को राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र की मौजूदगी में उज्जैन के सामाजिक न्याय परिसर में किसान सभा का आयोजन होगा, जिसके बाद ट्रैक्टर रैली की शुरुआत करेंगे. इस रैली के बाद एक ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों को जिला, तहसील व ग्रामीण स्तर तक के किसानों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा. समस्या के जल्द ही निराकरण की मांग रखी जाएगी. इसमें प्रमुख मुद्दा लैंड पूलिंग का रहेगा. 500 से अधिक ट्रैक्टर लेकर किसान इस रैली में शामिल होंगे. वहीं लैंड पूलिंग को लेकर आगे की रणनीति भी राष्ट्रीय महामंत्री की मौजूदगी में तय की जाएगी.
हम किसी को भी नाराज नहीं करना चाहते : मोहन यादव
नेशनल इंजीनियर्स डे पर राजधानी के कुशाभाउ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित लोक निर्माण विभाग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, '' निश्चित रुप से किसानों के साथ भी हमारा संवाद हो रहा है और कम किसी को भी नाराज नहीं करना चाहते हैं. हमारी पद्धति भी ऐसी नहीं है. हम तो सभी के साथ चलना चाहते हैं. लेकिन विकास के क्रम को बराबर बनाएं रखें. मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि लगातार हमारे विकास के कार्यों में सबका समर्थन मिल रहा है.''
सिंहस्थ में करनी होगी करोड़ों लोगों की सुरक्षा
सीएम ने कहा, '' लैंड पुलिंग हो या सभी प्रकार के विकास के काम हों. हमें सबसे संवाद करते हुए, विकास की बात सोचनी होगी.'' सीएम ने कहा, '' खास बात यह है कि जब हमारे इलाहाबाद में महाकुंभ हुआ था, तो वहां करोड़ों लोग आए. इसलिए ग्रहमंत्री के मार्गदर्शन में सिंहस्थ में भी करोड़ों लोगों के सुरक्षा की व्यवस्था करनी होगी. स्थाई संरचना पर काम भी करना और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी के साथ मिलकर प्रयास करना होगा.
क्या है उज्जैन में लैंड पूलिंग का मामला?
दरअसल, हाल ही में मध्यप्रदेश शासन ने लैंड पूलिंग एक्ट लागू किया है, जिसमें किसानों की जमीन को अधिग्रहण कर उस पर विकास कार्य करने का वादा है. वहीं, जमीन अधिग्रहण के बाद इसमें विकसित कर 50 प्रतिशत जमीन भू स्वामी को मिलेगी. उज्जैन में सिंहस्थ 2028 होने वाला है, लगभग 17 गांवों के किसानों की जमीन सिंहस्थ क्षेत्र में है और शासन की योजना है कि जमीन अधिग्रहण कर सिंहस्थ मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धलुओं कि सुविधा के लिए सड़क, बिजली, पानी, साधु संतों के आश्रम और पक्के निर्माण किए जाएं.

पश्चिम बंगाल में गरजे सीएम योगी, बोले- टीएमसी के गुंडों का ‘यूपी मॉडल’ से होगा इलाज
नए स्मार्टफोन नथिंग फोन (4ए) की है आकर्षक डिजाइन