उज्जैन। 
उज्जैन में शिप्रा नदी में बही कॉन्स्टेबल आरती पाल और उनकी कार का अब तक पता नहीं चला है। NDRF, SDERF, होमगार्ड, पुलिस और मां शिप्रा तैराक दल के 130 सदस्य पिछले 60 घंटे से उन्हें तलाश रहे हैं। सोमवार सुबह 8 बजे शुरू हुआ सर्चिंग ऑपरेशन अंधेरा होने के कारण शाम 7 बजे रोक दिया गया। मंगलवार सुबह 8 बजे बचाव दल फिर पानी में उतरा। उन्हें तलाशने में सोनार डिटेक्शन उपकरण की भी मदद ली जा रही है। उन्हेल थाने में पदस्थ आरती पाल अपनी कार से शनिवार रात इसी थाने के टीआई अशोक शर्मा और एसआई मदनलाल निनामा के साथ एक नाबालिग के अपहरण केस में जांच के लिए उज्जैन के चिंतामन थाना क्षेत्र जा रही थीं। इस दौरान उनकी तेज रफ्तार कार शिप्रा नदी में गिर गई थी। रविवार को टीआई शर्मा का शव मिला और उनका उसी दिन अंतिम संस्कार कर दिया गया। जबकि घटना के दो दिन बाद सोमवार शाम एसआई निनामा का शव भैरवगढ़ क्षेत्र में मिला।
130 जवान दो शिफ्ट में सर्चिंग में जुटे
हादसे के बाद लगातार 43 घंटे से सर्चिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है। शनिवार रात से शुरू हुआ रेस्क्यू कार्य अब भी जारी है। सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक लगातार सर्चिंग की जा रही है। दो शिफ्ट में कुल 130 जवान सर्चिंग में जुटे हैं। इनमें NDRF, SDERF, होमगार्ड, पुलिस और मां शिप्रा तैराक दल के सदस्य शामिल हैं, गहरे पानी में सर्चिंग कर रहे हैं।