उज्जैन। 
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन की भेरूगढ़ सेंट्रल जेल में हुए 15 करोड़ रुपये के पीएफ घोटाले में बड़ा एक्शन लिया है। शासन के आदेश के बाद अब इस मामले की जांच पुलिस से वापस लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) को सौंप दी गई है।
यह था मामला 
यह आर्थिक अनियमितता वर्ष 2020 से 2023 के बीच की गई थी। जिसमें जेल के लगभग 67 अधिकारी और कर्मचारियों के पीएफ खातों से करीब 15 करोड़ रुपये अवैध रूप से निकाले गए।
मुख्य आरोपी: तत्कालीन जेल अधीक्षक उषा राजे, जेल प्रहरी रूप सुदन रघुवंशी और शैलेंद्र सिकरवार इस मामले में मुख्य आरोपी हैं, जो वर्तमान में जेल में हैं।
EOW की कार्रवाई शुरू
5 फरवरी को जारी आदेश के बाद EOW ने उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (SP) को पत्र लिखकर प्रकरण क्रमांक 95/2023 (भैरवगढ़ थाना) की मूल फाइल तत्काल प्रभाव से सौंपने को कहा है। पुलिस जांच के बाद अब EOW की एंट्री से उन रसूखदारों पर शिकंजा कसने की उम्मीद है, जो अब तक जांच से बाहर थे। विशेष रूप से एक महिला अधिकारी और कुछ अन्य संदिग्धों की भूमिका अब दोबारा जांच के दायरे में आएगी। माना जा रहा है कि EOW अब गबन की गई राशि की वसूली की प्रक्रिया पर भी ध्यान केंद्रित करेगा, जो पुलिस जांच के दौरान रुकी हुई थी।