मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले में पुलिस महकमे की छवि को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए एसपी सैयद इमरान मसूद ने बड़ी कार्रवाई की है। अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इस कड़े फैसले के बाद जिला पुलिस बल में हड़कंप की स्थिति है।

केस 1: अपराधियों से सांठ-गांठ और अनुचित गतिविधियां

पहला मामला कासिम बाजार थाना का है। यहाँ तैनात एएसआई (ASI) अनिकेत कुमार झा पर आरोप था कि वे पुराने अपराधियों और अभियुक्तों के साथ संपर्क बनाए हुए थे। साथ ही, उन पर थाना परिसर के भीतर ही अनुचित तरीके से बाहरी लोगों के साथ बैठकबाजी करने की शिकायत मिली थी।

  • जांच का नतीजा: एसपी द्वारा कराई गई जांच में ये सभी आरोप पुख्ता पाए गए, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे आचरण से पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।


केस 2: सत्यापन के नाम पर अवैध वसूली

दूसरा मामला मुफस्सिल थाना से जुड़ा है। यहाँ तैनात पीटीसी (PTC) अभिषेक कुमार पर आम जनता को परेशान करने का आरोप लगा था।

  • शिकायत: लोगों ने आरोप लगाया था कि चरित्र सत्यापन (Character Verification) के लिए अभिषेक कुमार अवैध रूप से रुपयों की मांग करते थे। जो लोग पैसे नहीं देते थे, उनके आवेदन जानबूझकर अटका दिए जाते थे।

  • कार्रवाई: मुफस्सिल इंस्पेक्टर की जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसपी ने उन्हें सस्पेंशन का आदेश सुना दिया।


पुलिस कप्तान का कड़ा रुख

एसपी सैयद इमरान मसूद ने इस कार्रवाई के जरिए पूरे महकमे को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि:

  • अपराधियों से नजदीकी बढ़ाना या थाने में बैठकबाजी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • जनता के काम के बदले रिश्वत लेना एक गंभीर अपराध है और इसमें लिप्त किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।

  • पुलिस विभाग में पारदर्शिता और ईमानदारी सर्वोपरि है।