न्यूजीलैंड में भूकंप के तेज झटके, अलमारी से गिरने लगा सामान
वेलिंगटन। भूकंप के तेज झटकों से न्यूजीलैंड हिल उठा। अधिकारियों के मुताबिक न्यूजीलैंड के दक्षिणी द्वीप पर लोगों ने तेज झटकों को महसूस किया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.7 मापी गई। अब न्यूजीलैंड की आपदा एजेंसी ने यह आकलन लगाने में जुटी है कि क्या सुनामी का कोई खतरा है या नहीं।
उल्लेखनीय है कि न्यूजीलैंड भूकंपीय रूप से सक्रिय 'रिंग ऑफ फायर' पर बसा है। रिंग ऑफ फायर लगभग 40000 किलोमीटर का एक घेरा है। यह प्रशांत महासागर के अधिकांश भाग को घेरने वाले ज्वालामुखियों और समुद्री खाइयों से भरा है।
समुद्र से दूर रहने की अपील
NEMA ने साउथलैंड और फियोर्डलैंड क्षेत्रों के लोगों को समुद्र तटों और समुद्री क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। एजेंसी का कहना है कि समुद्र की असामान्य धाराएं खतरा बन सकती हैं। न्यूजीलैंड की सरकारी भूकंप निगरानीकर्ता जियोनेट ने कहा कि 4700 से अधिक लोगों ने भूकंप महसूस किया।
अलमारी से सामान गिरने लगा
न्यूजीलैंड की मीडिया ने अपनी खबरों में बताया कि लोगों ने सामान गिरने और इमारतों के हिलने की जानकारी साझा की। न्यूजीलैंड हेराल्ड अखबार के मुताबिक एक व्यक्ति ने फेसबुक पर पोस्ट कि हमारी अलमारी से सामान गिरने लगा। लकड़ी की मेज घूमने लगी।
33 किमी की गहराई में आया भूकंप
जियोनेट के मुताबिक भूकंप न्यूजीलैंड के स्नेरेस द्वीप समूह से लगभग 160 किमी उत्तर-पश्चिम में 33 किमी की गहराई पर आया है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया कि भूकंप लगभग 10 किमी की गहराई पर आया। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय मौसम ब्यूरो का कहना है कि मुख्य भूमि, द्वीपों व अन्य क्षेत्रों में सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
अचानक पर्दे हिलने लगे
डुनेडिन शहर में भी लोगों ने झटके महसूस किए। यहां के एक व्यक्ति ने जानकारी दी कि हम डुनेडिन अस्पताल की 8वीं मंजिल पर थे। अचानक पर्दे हिलने लगे। हम बिस्तर पर बैठे-बैठे हिल रहे थे। यह डरावना था। एक अन्य शख्स ने कहा कि कार में मैं बच्चों का इंतजार कर रहा था। भूकंप की वजह से कार काफी तेज हिलती रही।
सुनामी का सता रहा डर
भूकंप के बाद सुनामी के खतरे का आकलन राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (नेमा) और जीएनएस साइंस कर रही है। नेमा ने कहा अगर इस स्थान पर सुनामी पैदा होती है तो कम से कम एक घंटे तक इसके न्यूजीलैंड पहुंचने की संभावना नहीं है। एजेंसी ने कहा कि अगर समुद्र तटीय लोगों को भूकंप के झटके एक मिनट से अधिक समय तक महसूस हुए हैं तो उन्हें तुरंत इलाका खाली कर देना चाहिए। ऐसे में सुनामी का खतरा है।

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