विक्रांत भूरिया बोले- 33 हजार का आंकड़ा गलत:सिंगरौली में तीन लाख से ज्यादा पेड़ काटे गए; दूसरे दिन प्रभावित परिवारों से मिले कांग्रेसी
सिंगरौली।
सिंगरौली में बड़े स्तर पर हो रही पेड़ कटाई को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने दावा किया है कि जिले में पेड़ों की कटाई का आंकड़ा प्रशासन द्वारा बताए गए 33 हजार से कहीं ज्यादा है। उनका कहना है कि वास्तव में तीन लाख से अधिक पेड़ काटे गए हैं और प्रशासन सही आंकड़े छिपा रहा है।
विधायक बोले- कई पेड़ों पर नंबरिंग नहीं, फिर भी काट दिए गए
भूरिया ने एक वीडियो जारी कर बताया कि जमीन पर निरीक्षण के दौरान कई ऐसे पेड़ मिले जिन पर नंबरिंग ही नहीं की गई थी, जबकि उन्हें भी काटा जा चुका था। उन्होंने कहा कि यदि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होती, तो हर पेड़ को नंबर देने के बाद ही काटने की अनुमति दी जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन असली स्थिति सामने नहीं आने देना चाहता।
मीनाक्षी नटराजन बोलीं- कांग्रेस आदिवासियों की लड़ाई लड़ती रहेगी
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि सिंगरौली जिले से जुड़ी समस्याओं और आदिवासी समुदाय के मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह जनता की लड़ाई है और कांग्रेस पूरी तरह उनके साथ खड़ी है। नटराजन ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रभावित लोगों को न्याय नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ती रहेगी। यह मुद्दा राज्यसभा के साथ-साथ लोकसभा में भी उठाया जाएगा।
भूरिया बोले- यह सिंगरौली की जनता के साथ अन्याय
कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा कि सिंगरौली की जनता के साथ गंभीर अन्याय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ व्यावसायिक कंपनियों को जमीनें दी जा रही हैं और इस प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की अनदेखी की जा रही है। भूरिया ने दावा किया कि जमीन अधिग्रहण में भी बड़ा भेदभाव हो रहा है—कहीं पर एक एकड़ जमीन का मुआवजा सिर्फ 4 लाख रुपये दिया जा रहा है, जबकि दूसरी जगह उसी जमीन का मुआवजा 16 लाख रुपए तक दिया गया है। इससे स्पष्ट है कि मुआवजा वितरण में भारी अनियमितता है।

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