शिवपुरी।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र शिवपुरी में एक शर्मनाक वाकया सामने आया है। यहां के मुक्तिधाम में बिजली की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को अपने प्रियजन का अंतिम संस्कार मोबाइल फोन की रोशनी में करना पड़ा। यह घटना शिवपुरी शहर के मुक्तिधाम परिसर में अव्यवस्था की पोल खोलती है, जहां न तो स्ट्रीट लाइट जल रही थी और न ही किसी वैकल्पिक प्रकाश की कोई व्यवस्था थी। इस वीडियो के वायरल होने के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया है और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कह रहा है।
घने अंधेरे में हुआ अंतिम संस्कार
तारकेश्वरी कॉलोनी निवासी हल्कू राम सोनी के निधन के बाद जब उनके परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए शिवपुरी के मुक्तिधाम ले गए, तो वहां घना अंधेरा छाया हुआ था। न तो स्ट्रीट लाइटें जल रही थीं और न ही किसी और तरह की रोशनी का इंतजाम था। ऐसे में, मजबूर होकर वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। परिजनों ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका और बिजली कंपनी के जिम्मेदार लोगों को कई बार फोन किया, लेकिन कोई मदद मौके पर नहीं पहुंची। इस दुख की घड़ी में इस तरह की अव्यवस्था ने परिवार को और भी ज्यादा मानसिक पीड़ा दी।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों ने इस मामले पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शहर की कॉलोनियां और फार्म हाउस तो नगर पालिका की लाइटों से जगमगाते रहते हैं, लेकिन मुक्तिधाम जैसी महत्वपूर्ण और संवेदनशील जगह को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। मृतक के बेटे शालिग्राम सोनी ने बताया, 'हम पिताजी का अंतिम संस्कार करने पहुंचे तो चारों ओर अंधेरा था। सभी ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर किसी तरह संस्कार किया। हमने नपा और बिजली कंपनी को फोन किया, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हो सकी।
अधिकारियों ने दी सफाई
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब नगर पालिका के अधिकारी सफाई दे रहे हैं। नगर पालिका सीएमओ इशांक धाकड़ ने कहा है कि उन्हें मुक्तिधाम में बिजली व्यवस्था न होने की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही वहां पर्याप्त रोशनी के लिए लाइट की व्यवस्था कराई जाएगी। यह मामला शहर में विकास के दावों की सच्चाई पर भी सवाल उठाता है।