श्योपुर। 
विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है. जिसमें वे पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत को मंच से खुली चुनौती देते हुए दिखाई दे रहे हैं. विधायक मुकेश मल्होत्रा कहते हुए सुनाई देते है कि "मैं याचिका से डरने वाले नहीं हूं. जब मैं विधायक नहीं था, तब भी जनता की समस्या के लिए लड़ता था और आगे भी लड़ता रहूंगा. चाहे वो मुझे विधायक पद से हटा दें." यह वीडियो सर्कुलेट होने के बाद श्योपुर सहित पूरे प्रदेश में चर्चाओं का बाजार गर्म है.
गलत जानकारी देने की चल रही सुनवाई
इस राजनीतिक विवाद की शुरुआत नवंबर 2024 को विजयपुर विधानसभा के उपचुनाव के रिजल्ट के बाद से हुई थी. इस चुनाव में भाजपा को झटका लगा था और कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा विजयी हुए थे. मिली हार के बाद पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसमें वर्तमान विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा पर आरोप लगाया थी कि उन्होंने नामांकन पत्र और चुनावी शपथ पत्र में गलत और अधूरी जानकारी दी है. यह सीधे तौर पर चुनाव आयोग की नियमावली का उल्लंघन है. इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई है.
कलेक्टर और एसडीएम के बयान दर्ज
पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत द्वारा दायर याचिका की सुनवाई हाई कोर्ट में चल रही थी. याचिका में रामनिवास रावत ने विधायक मुकेश मल्होत्रा पर आपराधिक मामलों को छुपाने के आरोप लगाकर चुनाव को शून्य घोषित करने की मांग की है. इसमें श्योपुर के तत्कालीन कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल व अलीराजपुर एसडीएम मनोज गढ़वाल के बयान भी साक्ष्य सूची में दर्ज किए जा चुके हैं. प्रशासनिक अधिकारियों के बयान होने के बाद अब मामला अंतिम चरण यानी फैसले पर पहुंच चुका है.
हाई कोर्ट का जल्द आ सकता है निर्णय
इस फैसले पर श्योपुर जिला ही नहीं बल्कि पूरे मध्य प्रदेश निगाहें बनी हुई है. वहीं रामनिवास रावत को पूरा भरोसा है हाई कोर्ट याचिका का फैसला उनके पक्ष में सुना सकता है. हालांकि अब तक कोर्ट का इस याचिका पर कोई फैसला नहीं आया है. इसी मामले पर बात करते हुए कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा वीडियो में दिखाई दे रहे हैं. यह वीडियो आगरा का बताया जा रहा है.
मंच पर भाजपा के मंत्री भी थे मौजूद
विधायक मंच से यह कहते हुए सुनाई और दिखाई दे रहे हैं कि श्योपुर में अपनी सरकार है. भले ही में विपक्ष का विधायक हूं. हमारे बीच में दो-दो मंत्री हैं, तुरसनपाल सिंह और सीताराम आदिवासी, गुड्डी बाई आदिवासी भी जिला अध्यक्ष है. जनपद सदस्य भी हमारे समाज के हैं. अगर ये एक हो जाए तो कौन सी समस्या बचेगी. बैठक में बीजेपी के राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त सीताराम आदिवासी भी दिखाई दे रहे हैं.