सीहोर। 
सीहोर में हाउसिंग बोर्ड रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) बनने से पहले ही विवादों में है। आरओबी की डिजाइन को लेकर शुरु से ही सवाल उठ रहे हैं। अब जब आरओबी का निर्माण कार्य 70 फीसदी के करीब हो गया है, रेलवे ने भी ट्रेक के ऊपर काम शुरु कर दिया है, रहवासी हाइकोर्ट जाने की बात कह रहे हैं।
आरओबी की डिजाइन में खामी के चलते हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की तरफ सर्विस रोड के लिए जगह नहीं बची है, जिसके चलते 20 हजार से अधिक की आबादी को घूमकर आना होगा, इस दौरान भोपाल की तरफ से आने वाले वाहनों से एक्सीडेंट भी होंगे। 
कॉलोनियों के रास्ते बंद, प्राइवेट जमीन में जा घूंसा ब्रिज
शहर में हाउसिंग बोर्ड (Housing Board) कॉलोनी रेवले क्रॉसिंग पर आरओबी का निर्माण बीते करीब एक साल से चल रहा है। आरओबी की डिजाइन में खामी बताई जा रही है। हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी, नगर सुधार न्यास कॉलोनी, संतोष नगर कॉलोनी, कृष्णा नगर कॉलोनी, दीनदयाल नगर के रहवासी बता रहे हैं कि आरओबी की डिजाइन में खामी होने को लेकर भोपाल की साइड आरओबी प्राइवेट जमीन पर उतर रहा है।
निजी भूमि स्वामी ने जमीन (Private Land) देने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते अब सेतु निगम ब्रिज को भोपाल की तरफ से आने वाली सड़क पर मोड़ रहे हैं। सेतु निगम और निर्माण एजेंसी की इस गलती का खामियाजा सीहोर शहर की 20 हजार से अधिक की आबादी जीवन भर भुगतेगी। आरओबी के विरोध में रहवासियों ने कलेक्ट्रेट में शिकायत भी दर्ज कराई है। बुधवार रात को नवदुर्गा पंडाल में माँ दुर्गा को ज्ञापन देकर अफसर और निर्माण एजेंसी को सद्बुद्धि देने की मांग की।
ये बताई समस्या

  • निर्माणाधीन ब्रिज की उत्तर दिशा में पांच-छह कॉलोनी स्थित हैं. जिनके एक मात्र पहुंच मार्ग पर ब्रिज का निर्माण कार्य होने से रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाएगा।
  • हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पहुंच मार्ग को बंद करने के पूर्व सेतु निगम का दायित्व था कि उपरोक्त कॉलोनियों को वैकल्पिक और व्यवस्थित सुलभ पहुंच मार्ग प्रदाय करता। अब रहवासी मानसिक और शारीरिक पीड़ा झेल रहे हैं।
  • हाउसिंग बोर्ड रेलवे क्रॉसिंग के दोनों तरफ कई बड़े-बड़े स्कूल हैं. जिसमें हजारों बच्चे पढ़ने जाते हैं. इनकी जान की सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा गया है। ब्रिज निर्माण के बाद कॉसिंग पर रोज हादसे होंगे।
  • प्रस्तावित निर्माण कार्य आइआरसी के मापदण्डों के अनुरूप भी नहीं किया जा रहा है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए।