कुबेरेश्वर धाम भगदड़ में मां को खोने वाली बेटी न्याय के लिए भटक रही, 600 KM फिरोजाबाद से पहुंची सीहोर
सीहोर।
मध्यप्रदेशे के कुबेरेश्वर धाम में कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसमें यूपी के फिरोजाबाद की एक महिला श्रद्धालु भी शामिल थी। घटना के डेढ़ महीने बाद भी मृतक परिवार को न तो कोई आर्थिक सहायता मिली है और न ही जिम्मेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है।
पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय की गुहार
शुक्रवार को मृतक महिला की बेटी मानसी गुप्ता अपने परिवार के साथ एसपी ऑफिस पहुंची और मामले में न्याय की मांग की। उन्होंने बताया कि 5 अगस्त को उनकी मां संगीता गुप्ता कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष लेने गई थीं, जहां लापरवाही के चलते भगदड़ हुई और उनकी मां की मौत हो गई। मानसी ने कहा कि उनके पिता मजदूर हैं और मां चूड़ी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करती थीं। मां की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई है।
मानव अधिकार आयोग ने मांगा था जवाब
कुबेरेश्वर धाम में हुई मृतकों की घटनाओं पर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने 6 अगस्त को सीहोर के एसपी और कलेक्टर से जांच रिपोर्ट 15 दिन के भीतर मांगी थी। आयोग ने भीड़ प्रबंधन, घायलों के इलाज और मृतकों को आर्थिक सहायता दिए जाने की जानकारी मांगी थी।
TI बोले- जांच जारी
पीड़ित परिवार का आरोप है कि डेढ़ महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में टीआई सुनील मेहर ने बताया कि कुबेरेश्वर धाम में हुई मौतों के संबंध में बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच जारी है।

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