धाम पर अकाल मौतों पर बाबा के घडियाली आंसू,प्रशासन कार्रवाई की नहीं कर पा रहा हिम्मत
भोपाल, सबकी खबर।
भोपाल के नजदीक सीहोर के कुबेरेश्वर धाम पिछले तीन दिन से लाशें उगल रहा है। प्रतिदिन दो तीन दो तीन मौतें हो रही हैं। लेकिन प्रशासन की नजर में बाबा पाक साफ है। वहां कुबेरेश्वर धाम का ट्रस्ट पाक साफ है। इन इतनी बड़ी घटनाओं के लिए यदि कोई जिम्मेदार है तो डीजे बजाने वाले जिम्मेदार हैं। प्रशासन ने बड़ा शौर्य का कार्य किया है। आठ डीजे संचालकों के खिलाफ एफआईआर करके डीजे जब्त कर लिए गए हैं। और यदि ज्यादा प्रेशर आएगा तो प्रशासन ने तैयारी कर ली है एक पत्रकार को पकड़ने की। दरअसल इसी पत्रकार के नाम से प्रशासन ने इतने बड़े आयोजन की अनुमति जारी की थी और इस पत्रकार का नाम है मनोज दीक्षित। मनोज दीक्षित पत्रकारिता के साथ-साथ धाम पर मीडिया प्रभारी का भी काम करते हैं। बाबा तो कथाओं में बिजी रहते हैं। उन्होंने मनोज से कहा होगा कि भाई 6 तारीख को वहां हमें कावड़ यात्रा निकालनी है। आप अनुमति ले लो प्रशासन से। तो लेटर दे दिया ट्रस्ट का साइन कर दिए मनोज के। परमिशन जारी हो गई। अब जिम्मेदारी हो गई सारी की सारी मनोज दीक्षित की। आप सोचिए क्या हो रहा है? कैसे काम हो रहा है? कितने लाख लोग आएंगे? क्या यह बताया था? ये बुलाए किसने थे? कैसे पहुंचे थे? क्या ये मनोज दीक्षित ने बुलाए थे? क्या ये डीजे संचालक इनको लेकर आए थे? प्रशासन अंधा हो चुका है पूरी तरह। जिस तरह का काम किया है। सबसे पहले तो आपको बताते चलें कि पंडित प्रदीप मिश्रा ने आह्वान किया था सोशल मीडिया के जरिए करोड़ों लोगों को कि आप आइए हमारे धाम पर हम वहां सीवन नदी से कावड़ यात्रा निकालेंगे और कुबेश्वर धाम का अभिषेक करेंगे तो आपके कष्ट दूर हो जाएंगे। बाबा ने मुझे बहुत दिया है। बाबा बहुत देता है। जिस तरह का आह्वान उन्होंने किया था। लोगों ने सोचा कि वहां जाएंगे कावड़ यात्रा में शामिल होंगे तो सारे समाज के सारे परिवार के और निजी जिंदगी के दुख दूर हो जाएंगे। लाखों की तादाद में 5 तारीख को ही लोग पहुंच गए
कुबेरेश्वर धाम। 5 तारीख को दो महिलाओं की मौत हो गई। दूसरे दिन 10 लाख लोग (अनुमातनित )पहुंच गए। लेकिन लोग जिस तरह से बता रहे थे क्योंकि 9—10 कि.मी. तक पैर रखने की जगह नहीं। इंदौर भोपाल रोड जाम हो गया। 48 घंटे तक कोई इंदौर नहीं जा सकता। इंदौर से भोपाल नहीं आ सकते। मंत्री फंसे रहे लेकिन किसी के मुंह से आवाज तक नहीं निकल रही और बाबा के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं कर पा रहे। गुरूवार को सरकारी प्रेस नोट जिला प्रशासन ने जारी किया है और इसमें बताया कि आज सुबह 8:00 बजे ही 22 साल के एक युवक की मौत हुई है जिसका नाम उपेंद्र गुप्ता पिता प्रेमचंद गुप्ता आप सोचिए 22 साल का युवक और अव्यवस्थाओं का शिकार हो गया और प्रशासन के पास एक ही है कारण हैं आघात हुआ तो हृदय बंद होने से लोगों की मौत होती है । उन्होंने प्रेस नोट जारी कर दिया दूसरी मौत हुई है अनिल पिता महावीर इनकी 11:00 बजे बजे मौत गई है। तो तीन दिन में आठ मौतें हो गई। जिम्मेदार कौन है? कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। संयोग से गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रेस वार्ता थी जब मीडिया से सीएम मोहन यादव से पूछा तो उनका जवाब था हमने उचित निर्देश दिए हैं प्रशासन को। लेकिन शाम को प्रशासन का एक प्रेस नोट जारी हुआ है सीहोर से और उनका कहना है कि यह जो कावड़ यात्रा निकली थी उसमें अत्याधिक भीड़ हुई और उसमें निर्धारित आवाज से ज्यादा तेज उन्होंने साउंड बजाने पर आठ डीजे चालकों के खिलाफ हमने कारवाई कर दी। आठ और डीजे जप्त कर लिए गए हैं। यह नाम बताए गए हैं। गुजरात के निखिल कुमार है। इनका डीजे जब्त किया है और डीजे कुशवाह राजा राजाराम कुशवा उनका मुबारकपुर भोपाल वालों का डीजे जब्त कर लिया है। राजा सोलंकी, स्वदेश शिरीले, कमलेश कुशवाहा, अश्विनी काटने, बाबूलाल पिता बिरजी महतो, राजेंद्र प्रेमचंद इनका डीजे जब्त कर लिया है। अब आप सोचिए प्रशासन कितना जबरदस्त काम कर रहा है। जो लोग जिम्मेदार हैं जिन्होंने लाखों के लोगों को बुलाया,जिन्होंने व्यवस्थाएं नहीं की, जिन्होंने लोगों को मरने पर विवश किया, उनके खिलाफ एक एक कारवाई नहीं हुई अभी तक और ज्यादा प्रेशर आएगा। मनोज दीक्षित के खिलाफ कारवाई हो जाएगी क्योंकि वह मीडिया प्रभारी है परमिशन उनके नाम से है। अब सवाल यह आता हैं कि ट्रस्ट के बाकी लोग कहा हैं। बाबा के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं हो रही है? एक सवाल है मेरा कि ये बाबा जो रोज रोज मीडिया पे बोल-बोल के लोगों को बुला रहे थे। इतना सब होने के बावजूद बाबा जी किसी के घर गए किसी को कोई आर्थिक सहायता की घोषणा की किसी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए आप कहते हो कि ये मेरा परिवार है। ये मेरे जीजी हैं। ये मेरे जीजा हैं। और जीजी जीजा मरते गए। आप नाचते रहे। जब पूरी मीडिया का प्रेशर आया आप भागते फिर रहे हो। मीडिया लोग आपसे बात करने गए आप धाम पे नहीं मिले हो। आप भागते फिर रहे हो। बचते फिर रहे हो। एक बंद कमरे में से एक छोटा सा वीडियो जारी किया है। जैसे मगरमच्छ अपना आंसू बहाता है। हालांकि वो आपका तो आंसू भी नहीं निकला। सिर्फ यही बोल रहे हो कि जितनी बहन और भाई वहां आए थे सब मेरे जीजा जीजी हैं। अरे आपके जीजा जीजी मरे हैं तो आपने क्या किया? क्या ऐसे ही लोगों को इकट्ठा करते रहोगे, मारते रहोगे? 2 साल हो गए। 2 साल 2 साल से लगातार कार्यक्रम करते हो। पूरे पब्लिक को परेशान करते हो। लोगों को मरने पर विवश करते हो। कितने लोग मरे हैं अभी तक? पहले भी आठ नौ लोग मर चुके हैं। आज फिर आठ नौ लोग मरे हैं। 15— 16 लोग मर चुके हैं। एक व्यक्ति के जरा सी खरोच आने पर भी कारवाई होना चाहिए। 15 लाशों के बाद भी प्रशासन कारवाई नहीं कर रहा है। आज मेरा एक सवाल है। प्रशासन के हाथ किसने बांधे हुए हैं? क्यों नहीं बाबा के खिलाफ गैर इरादेतन हत्या का केस दर्ज करते? यदि इतनी भीड़ बुला ली गई है तो किस आधार पर बुलाई गई? क्या जिला प्रशासन के लोगों के साथ बैठक हुई? क्या क्राउड जो इतना आने वाला है इसकी कोई जानकारी दी गई आपको? और यदि प्रशासन को जानकारी नहीं दी और हादसे हो रहे हैं तो प्रशासन ने जिम्मेदार लोगों का चयन अभी तक क्यों नहीं किया है? क्यों हाथ बांधे गए कलेक्टर साहब के और एसपी साहब के?

Gulf Crisis Impact: बहादुरगढ़ में जूता उद्योग का उत्पादन आधा
फैंस को भाया ट्विंकल का अंदाज, वीडियो हुआ वायरल
Bargi Dam Case: तमिलनाडु भेजने से पहले शर्त, परिवार में आक्रोश
करनाल में पेट्रोल पंप पर लूट की कोशिश, बदमाश ने सेल्समैन पर तानी पिस्टल
ऑरेंज कैप छिनी! Abhishek Sharma पीछे, रेस हुई और दिलचस्प
ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला: संसद को दरकिनार कर हथियार डील की पेशकश