सागर।
 मुस्कुराते हुए चेहरे के साथ सरल और सहज नजर आने वाले डॉ. मोहन यादव शतरंज की चालों में भी माहिर हैं. लगता है कि अपने सियासी विरोधियों को ये संदेश देने के लिए उन्होंने सागर की धरती को चुना. गुरुवार को जब वह सागर में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की विधानसभा सुरखी के जैसी नगर में पहुंचे, तो वहां पर उन्होंने बच्चों के साथ शतरंज खेल कर संदेश दे दिया कि वह भी शतरंज के खेल माहिर हैं.
सीएम ने अपने सियासी विरोधियों को जता दिया है कि सह और मात का खेल उन्हें भी आता है
मुख्यमंत्री के शतरंज खेलने के बाद सियासी गलियारों में ये चर्चा इसलिए चल रही है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से कुछ राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे सुनने और देखने मिले हैं, जो मुख्यमंत्री मोहन यादव को चुनौती देते नजर आए हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने अपने सियासी विरोधियों को जता दिया है कि सह और मात का खेल उन्हें भी आता है.
क्या मुख्यमंत्री पद के दावेदारों को दिया संदेश
पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के नए-नए नाम सामने आ रहे हैं. कई लोग तो बैनर पोस्टर लगाकर अपने मनपसंद नेता को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे हैं. वहीं सत्ता के गलियारों में हलचल भी सुनाई देती है कि मोहन यादव मंत्रिमंडल के कुछ सदस्य अपनी महत्वाकांक्षा पूरी न होने के चलते मुख्यमंत्री को कमजोर करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं.
कोई मीडिया के जरिए तो कोई अपनी शातिर चालों के जरिए संदेश दे रहा है कि वह भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं. वहीं दूसरी तरफ कई दिग्गज नेता हैं जिनको मोहन यादव मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला है. वे अपनी खीज निकालने के लिए कोई ना कोई ऐसी हरकत करते रहते हैं जिससे ऐसा लगे कि मुख्यमंत्री मोहन यादव कमजोर हैं और प्रदेश की बागडोर बखूबी नहीं संभाल पा रहे हैं. हालांकि इस माहौल के बीच भी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी चिर परिचित मुस्कान के साथ अपने आप को शांत रखते हुए यह बताने की कोशिश की है कि वह मजबूती के साथ मुख्यमंत्री पद पर डटे रहेंगे.