सागर।
 महिलाएं घर से निकल नहीं सकती हैं, बेटियां स्कूल नहीं जा पा रही हैं. शराबी निर्वस्त्र होकर सड़क पर उत्पात मचाते हैं. इसलिए हम हरवंशपुरा गांव के लोगों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि अब गांव के अंदर गांजा, अवैध शराब और मांस का व्यापार नहीं चलने देंगे. अपना फैसला सुनाने के लिए महिलाएं राहतगढ़ एसडीओपी के दफ्तर पहुंची और ताकीद किया कि गांव में अब अगर ये काम हुए, तो हम ऐसा करने वालों को नहीं बख्शेंगे. आगे पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी रहेगी.
हरवंशपुरा गांव में शराबियों का आतंक
दरअसल सागर जिले के नरयावली थाना की मानक चौक ग्राम पंचायत के हरवंशपुरा गांव के रहवासी आजकल नशाखोरों से काफी परेशान हैं. अवैध गांजा और शराब बिक्री के चलते गांवों में शराबियों और नशेड़ियों का आतंक बढ़ गया है. इनके आतंक से महिलाओं का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है. छात्राएं स्कूल पढ़ने नहीं जा पाती हैं. शराबी नशे की हालत में उन पर अश्लील फब्तियां कसते हैं. यहां तक की नशे में धुत होकर कपड़े उतारकर बीच गांव में नाचने लगते हैं और उत्पात मचाते हैं.
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि गांव के ही कुछ युवक खुलेआम गांजा और अवैध शराब बेचने का काम कर रहे हैं. हम महिलाओं ने कई बार नरयावली थाने में सूचना दी. पुलिस पहुंची भी लेकिन अवैध शराब और गांजा बेचने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. ऐसे में अवैध शराब बेचने वालों के हौसले बुलंद हैं और उनका आतंक और बढ़ गया है.
राहतगढ़ एसडीओपी से की शिकायत
हरवंशपुरा गांव की महिलाओं और गांव के लोगों ने एसडीओपी राहतगढ़ को जानकारी देते हुए बताया कि हरवंशपुरा के सभी ग्रामवासियों ने आपसी सहमति से फैसला लिया है कि गांव में अवैध शराब, गांजा और मांस का व्यापार नहीं चलने देंगे. महिलाओं और ग्रामीणों ने एसडीओपी राहतगढ़ योगेंद्र सिंह भदौरिया को आवेदन देकर लिखित शिकायत की है और कार्रवाई करने की मांग की है.