रीवा।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे शिक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज न होने पर जारी होने वाली नोटिस तो आम बात है, लेकिन इस बार मामला बेहद चौंकाने वाला है. बीते दिनों DEO कार्यालय से तीन ऐसे शिक्षकों के नाम नोटिस जारी कर दिए गए जो पहले ही इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं. जैसे ही यह जानकारी सामने आई मामला आग की तरह फैल गया और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई. अब इस पूरे घटनाक्रम को विभाग की घोर लापरवाही मानी जाए या फिर इसे प्रणालीगत डेटा मैनेजमेंट की बड़ी खामी, यह अपने-आप में एक बड़ा सवाल है.
शिक्षा अधिकारी कार्यालय का नया कारनामा उजागर
सरकार ने सभी शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य करते हुए आदेश जारी किया था, ताकि विद्यालय में बिना अनुमति के शिक्षकों की अनुपस्थित होने पर नजर रखी जा सके. लेकिन बीते मंगलवार को रीवा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से ई-अटेंडेंस को लेकर एक ऐसा कारनामा सामने आया है जिसके बारे में सुनकर लोग अपना सिर पकड़ रहे हैं. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से विद्यालय में गैर हाजिर कई शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. इन शिक्षकों में 3 ऐसे शिक्षक भी शामिल हैं जिनकी 6 से लेकर 2 साल पहले मृत्यु हो चुकी है.
मऊगंज के 3 मृत शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस
बीते 12 नवंबर 2025 को रीवा स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अन्य शिक्षकों के आलावा मऊगंज जिले के विकासखंड नइगढ़ी में पदस्थ 3 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. जिसमें प्राथमिक शिक्षक छोटेलाल साकेत, प्राथमिक शिक्षक रामगरीब दीपांकर और माध्यमिक स्कूल के हेड मास्टर देवतादीन आदिवासी का नाम भी शामिल था. कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद विभाग में तब खलबली मची जब जानकारी मिली की शिक्षक छोटेलाल साकेत की मृत्यु 27 मई 2025 को हो चुकी है, जबकि शिक्षक रामगरीब दीपांकर की मृत्यु 12 फरवरी 2025 को हुई थी. इसी तरह से देवतादीन आदिवासी की मृत्यु 29 अप्रैल 2023 को हो चुकी है.