रीवा। 
मध्य प्रदेश में जहरीला कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से अब तक 25 बच्चों की मौत हो चुकी है। छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा जिलाें में मामले सामने आने के बाद से ही प्रदेश के हर जिले में गांव से लेकर मुख्यालय तक मेडिकल स्टोर, एजेंसी और क्लिनिक पर जांच कर अमानक दवाइयां जब्त की जा रही हैं। इसी बीच रीवा जिले में एम्बुलेंस से कफ सिरप की अवैध सप्लाई की जा रही है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि रीवा में अब एम्बुलेंस नशे की खेप ढोने का सबसे सुरक्षित माध्यम बन गई हैं। पुलिस ने इस तस्करी के मास्टरमाइंड नितिन द्विवेदी उर्फ मंकी को गिरफ्तार किया है। वह पुलिस-प्रशासन को चकमा देकर एम्बुलेंस की आड़ में पूरे शहर में कफ सिरप सप्लाई कर रहा था। प्रदेश के स्वास्थ मंत्री और डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल का गृह जिला होने के कारण कांग्रेस इस पूरे मामले में उन्हें और सरकार काे जमकर घेर रही है। 
कांग्रेस ने कहा- रीवा नशीली सिरप का सबसे बड़ा गढ़
रीवा की कोतवाली पुलिस ने रविवार को चार युवकों को पकड़ा। शुरुआत में पुलिस इस बात को नकारती रही कि उनसे कुछ बरामद हुआ है। लेकिन भास्कर की पड़ताल में एएसपी ने माना कि एक एम्बुलेंस से कफ सिरप की तस्करी की जा रही थी। छिंदवाड़ा में हुई बच्चों की मौत के सिलसिले में मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस ने प्रेस वार्ता आयोजित की। इसमें कांग्रेस नेताओं ने सरकार को घेरा। इस दौरान उन्होंने रीवा का भी जिक्र किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि रीवा मध्य प्रदेश और देश के भीतर नशीली सिरप का सबसे बड़ा गढ़ बन गया है। यह स्वास्थ्य मंत्री का गृह जिला भी है। स्वास्थ्य मंत्री अपने खुद के जिले में आज तक नशीली सिरप की बिक्री पर रोक नहीं लगा पाए तो अन्य जगहों पर क्या रोक पाएंगे?