नरसिंहपुर: जिला अस्पताल में शुक्रवार शाम एक अत्यंत दुर्लभ और जटिल चिकित्सा मामले में आपस में जुड़े हुए (कंजॉइंट) जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ। स्थिति की संवेदनशीलता और नवजातों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने तत्काल सिजेरियन ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया। प्रसव के पश्चात प्राथमिक चिकित्सकीय देखभाल प्रदान करने के तुरंत बाद दोनों नवजातों को बेहतर और गहन इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

शारीरिक संरचना देखकर परिजन और चिकित्सा कर्मी स्तब्ध

ग्राम बम्होरी सोकलपुर की रहने वाली प्रसूता कुब्जा कुशवाहा को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन डिलीवरी के बाद जब नवजातों को बाहर लाया गया तो उनकी अनूठी शारीरिक संरचना देखकर परिजन और उपस्थित मेडिकल स्टाफ आश्चर्यचकित रह गए। दोनों नवजात बच्चे पेट के हिस्से से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, जिसके कारण उन्हें विशेष देखभाल की आवश्यकता है।

जिला अस्पताल में त्वरित प्राथमिक उपचार और रेफरल प्रक्रिया

जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञों और सर्जनों ने प्रसूता और दोनों बच्चों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक प्राथमिक उपचार प्रदान किया। बच्चों की शारीरिक स्थिति और उनके अंगों की परस्पर निर्भरता को देखते हुए उन्हें अति-आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता थी। इसी वजह से चिकित्सकों ने बिना देरी किए उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्र भेजने का फैसला लिया।

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी

दोनों नवजातों को उन्नत एम्बुलेंस के जरिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है, जहां वरिष्ठ सर्जनों और पीडियाट्रिक विशेषज्ञों की टीम उनके स्वास्थ्य का जायजा ले रही है। वहां रेडियोलॉजिकल और कई विस्तृत जांचों के बाद ही बच्चों को शल्य चिकित्सा (सर्जरी) द्वारा अलग किए जाने की संभावनाओं और भावी इलाज की दिशा पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

प्रसूता की स्थिति सामान्य और गांव में चर्चा का विषय

अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रसूता की हालत पूरी तरह स्थिर और खतरे से बाहर है, जबकि नवजात बच्चों को गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया है। इस दुर्लभ जन्म की खबर सामने आते ही समूचे क्षेत्र और गांव में कौतूहल का माहौल है, वहीं परिजन बच्चों के सफल उपचार और उनके स्वस्थ जीवन के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।