मोहन सरकार के मंत्री की अपनी ही सरकार को खुली चुनौती, बोले- "पहले मेरा इस्तीफा होगा, फिर छुएंगे किसानों की जमीन!"
भोपाल/राजगढ़।
मध्य प्रदेश की सियासत में उस समय हड़कंप मच गया जब मोहन यादव सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पवार ने अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ब्यावरा विधायक और मंत्री पवार ने एक किसान पंचायत में माइक थामकर जो कहा, उसने बीजेपी संगठन से लेकर मंत्रालय तक खलबली मचा दी है।
"मुख्यमंत्री भी आए तो पहले मेरा इस्तीफा होगा"
ब्यावरा के भागपुर गांव में आयोजित किसान पंचायत में मंत्री नारायण सिंह पवार का तेवर किसी 'विद्रोही' नेता जैसा नजर आया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि "कितना भी बड़ा उद्योगपति आ जाए, खुद मुख्यमंत्री भी आएंगे तो मैं किसानों के साथ खड़ा रहूंगा। पहले मेरा इस्तीफा होगा, बाद में किसानों की एक इंच जमीन कोई ले पाएगा।
क्या है पूरा विवाद? (इंडस्ट्रियल एरिया बनाम किसान)
यह पूरा मामला ब्यावरा के पास इंडस्ट्रियल एरिया डेवलप करने की प्लानिंग से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ उद्योगपति और व्यापारी यहां की जमीनों का सीमांकन कराने पहुंचे थे। लगभग 50 गांवों के किसानों ने अपनी 'पुरखों की जमीन' देने से साफ इनकार कर दिया है।
कांग्रेस की पंचायत, बीजेपी के मंत्री: दिलचस्प बात यह रही कि इस पंचायत का आयोजन कांग्रेस ने किया था, लेकिन मंत्री न केवल वहां पहुंचे, बल्कि मंच से अपनी ही सरकार को चेतावनी दे डाली।
सरकार और संगठन के लिए असहज स्थिति
मंत्री का यह बयान कई सवाल खड़े कर रहा है: क्या बीजेपी संगठन इसे 'अनुशासनहीनता' मानेगा या किसानों के प्रति संवेदनशीलता? क्या मुख्यमंत्री और राज्य मंत्री के बीच तालमेल की कमी है जो मंत्री को सार्वजनिक मंच से 'इस्तीफे' की बात कहनी पड़ी?
मंत्री ने साफ कहा, "कारखाना कहीं भी लग जाएगा, लेकिन पेट कहां से भरेंगे?"
लंबे समय बाद मध्य प्रदेश में किसी मंत्री ने अपनी ही सरकार के खिलाफ इतनी बड़ी हिम्मत दिखाई है। नारायण सिंह पवार का यह कदम उनकी अपनी पार्टी के भीतर उनकी स्थिति को दांव पर लगा सकता है, लेकिन किसानों के बीच उन्होंने अपनी साख मजबूत कर ली है। अब देखना यह है कि: क्या मुख्यमंत्री मोहन यादव इस 'धमकी' पर कोई संज्ञान लेते हैं? क्या बीजेपी संगठन नारायण सिंह पवार को तलब करेगा? या फिर सरकार को इंडस्ट्रियल एरिया का अपना फैसला बदलना होगा?

HSRP नंबर प्लेट बिना वाहन नहीं चलेगा, महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला
भिंड BJP किसान मोर्चा में बड़ा फेरबदल, सज्जन सिंह यादव की जिलाध्यक्ष पद से नियुक्ति निरस्त
थलापति विजय के शपथ समारोह से वायरल हुआ शख्स, अब मिला अंशुल कंबोज से
ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ता के शामिल होने से इंग्लैंड क्रिकेट में नई शुरुआत
ससुर ने दी मुखाग्नि, भावुक माहौल में हुआ प्रतीक का अंतिम संस्कार, दिखे अखिलेश-शिवपाल