3 महीने गायब रहे 860 बाेरे गेहूं; अब इस गोदाम से हुए जब्त, अधिकारियों की बड़ी लापरवाही
रायसेन ।
रायसेन से ग्वालियर कंट्रोल की दुकानों पर बांटे जाने के लिए भेजा गया गेहूं तीन महीने बाद बरामद हुआ है. बुधवार देर रात खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक गोदाम से 435.71 क्विंटल गेहूं जब्त किया. इसकी बाजार कीमत करीब 11 लाख 70 हजार रुपए बताई जा रही है. हैरानी की बात है कि जून से अब तक इस गेहूं की गुमशुदगी पर न तो रायसेन और न ही ग्वालियर के नागरिक आपूर्ति निगम अधिकारियों ने कोई जांच की. मामला तब सामने आया जब ट्रांसपोर्टर ने खुद शिकायत कर दी.
क्या है मामला?
26 जून को रायसेन के गोलवार वेयरहाउस से 860 बोरों में गेहूं ग्वालियर भेजा गया था. इसे झांसी बायपास स्थित शर्मिष्ठा वेयरहाउस पर उतारना था, लेकिन ट्रांसपोर्टर शिवसिंह राठौर ने भाड़ा न मिलने के कारण इसे ट्रांसपोर्ट नगर की पार्किंग नंबर 6 स्थित अपने गोदाम में उतार लिया और वहीं बंधक बना दिया. इस बीच मई-जून में ग्वालियर के कंट्रोल की दुकानों पर हितग्राहियों को गेहूं के लिए कई-कई दिन चक्कर लगाने पड़े, जबकि जिस गेहूं से संकट दूर हो सकता था, वह गोदाम में पड़ा रहा. बुधवार को शिकायत मिलने पर जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद भदौरिया, सहायक आपूर्ति अधिकारी सौरभ जैन और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पूजा तोमर ने गोदाम पर दबिश दी और गेहूं जब्त कर लिया. बोरों पर सरकारी टैग और सिलाई भी मिली, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह सरकारी बारदाने का अनाज है. जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद भदौरिया ने बताया कि पूरा गेहूं जब्ती में ले लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. रायसेन प्रशासन को भी सूचना भेज दी गई है. जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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