ये तो हद है शर्म आनी चाहिए ... दुष्कर्म पीड़िता को आरोपी के घर भेज दिया, दोबारा हो गया कांड, घटना से पन्ना में हड़कंप
पन्ना।
मध्य प्रदेश के पन्ना में तो गजब कांड हो गया. CWC यानी बाल कल्याण समिति और वन स्टॉप केंद्र ने तो सारी हदें ही पार कर दीं. दुष्कर्म की नाबालिग पीड़िता को फिर उसी शख्स के पास पहुंचा दिया, जिसपर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है. गजब तो तब हुआ, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके साथ दोबारा उसी आरोपी ने दुष्कर्म किया है. इस मामले ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है. पूरा शहर भी हैरान है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. दअरसल, ये मामला फरवरी 2025 का है. पवई इलाके के एक गांव में रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग को आरोपी भागाकर ले गया था. पुलिस ने मामला दर्ज कर उसको छतरपुर से गिरफ्तार किया. नाबालिग के बयान के आधार पर पास्को एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया. पीड़िता से नाराज उसके परिजन उसे घर पर रखने को तैयार नहीं हुए तो उसे वन स्टॉप सेंटर में ठहराया गया. पीड़िता फरवरी से मार्च तक वन स्टॉप सेंटर में थी.
जमानत पर आया आरोपी, तब…
इस बीच आरोपी को जमानत मिल गई. हद तो तब हो गई, जब पन्ना की बाल कल्याण समिति ने पीड़ित नाबालिक को आरोपी के किसी परिजन को सौंप दिया. पीड़िता फिर आरोपी केरोपी ने नाबालि घर पहुंच गई. वहां आक के साथ दोबारा दुष्कर्म किया. इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में फिर शिकायत की. मामला पन्ना एसपी के पास पहुंचा तो पीड़िता का बयान दर्ज कर छतरपुर में FIR दर्ज कराई गई. क्योंकि, ये मामला वहीं का था.
पुलिस कर रही मामले की जांच…
पूरे मामले के बाद पन्ना जिला प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है. कोई भी अधिकारी कैमरे के सामने बोलने को तैयार नहीं है. न महिला बाल विकास के अधिकारी न बाल कल्याण समिति के सदस्य और अध्यक्ष. वहीं, पुलिस मामले की जांच कर रही है.
इन पर दर्ज हुई एफआईआर
- आरोपियों में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष भानू जड़िया और सदस्य अंजलि भदौरिया, आशीष बोस, सुदीप श्रीवास्तव व प्रमोद कुमार सिंह पर पॉक्सो एक्ट की धारा 17 (अपराध को बढ़ावा देने पर) लगाई गई है।
- वन स्टॉप सेंटर प्रशासक कविता पांडे, काउंसलर प्रियंका सिंह और केस वर्कर शिवानी शर्मा पर पॉक्सो एक्ट की धारा 21 (बाल यौन अपराध में रिपोर्ट नहीं करने पर) दर्ज की गई है।
- जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अवधेश सिंह पर पॉक्सो एक्ट धारा 21, SC-ST एक्ट धारा 4 और BNS की धारा 199 व 239 (कानून के विपरीत काम करने पर) लगाई गई हैं।
- इसके अलावा अंजलि कुशवाहा पर किशोर न्याय अधिनियम की धारा 82 (बच्चों को शारीरिक दंड देने पर) में केस दर्ज हुआ है।

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