भोपाल में 9 डॉक्टर समेत 32 स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस
- अस्पतालों में समय से नहीं आता स्टाफ
- CMHO ने कहा- आपकी लापरवाही से मरीज परेशान
भोपाल। भोपाल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। राजधानी के दो बड़े सरकारी अस्पतालों- हथाईखेड़ा सिविल अस्पताल और गोविंदपुरा सिविल डिस्पेंसरी में स्टाफ की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। एक तरफ जहां हथाईखेड़ा में सीएमएचओ कार्यालय के औचक निरीक्षण में 9 डॉक्टरों समेत 25 कर्मचारी अपनी ड्यूटी से गायब मिले। गोविंदपुरा में भी 7 स्वास्थ्यकर्मियों को एक गंभीर घटना के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन लापरवाहियों का सीधा खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने सभी 32 कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है, साथ ही कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि अब अस्पतालों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुबह 9:20 बजे गायब मिले 7 कर्मचारी
भोपाल के गोविंदपुरा स्थित सिविल डिस्पेंसरी के सात कर्मचारियों को CMHO डॉ. मनीष शर्मा ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस उन कर्मचारियों को भेजा गया है जो गोविंदपुरा सिविल डिस्पेंसरी में कार्यरत हैं, लेकिन समय से ड्यूटी पर नहीं आते हैं।
इन कर्मचारियों में मृदुला त्रिवेदी (टीबीएचव्ही), हेमा शुक्ला (फार्मासिस्ट), पूजा द्विवेदी (नर्सिंग ऑफिसर), अनुराधा माकोडे (नर्सिंग ऑफिसर), रतना गुर्जर (टीबीएलटी), बुसरा अजीज (मलेरिया वर्कर), और मेघानंद समेले (डीडीसी सपोर्ट स्टाफ) शामिल हैं। नोटिस में कहा गया है कि 1 अगस्त 2025 को सिविल डिस्पेंसरी का औचक निरीक्षिण कराया है। इस दौरान यह सभी कर्मचारी सुबह 9:20 बजे तक गायब मिले।
9 डॉक्टरों समेत स्टाफ नहीं पहुंचा अस्पताल
हथाईखेड़ा स्थित सिविल अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा किए गए अचानक हुए निरीक्षण (सरप्राइज इंस्पेक्शन) में 25 कर्मचारी सुबह 9:45 बजे तक अस्पताल से गैरमौजूद पाए गए। इस गंभीर लापरवाही के बाद सभी 25 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह निरीक्षण 1 अगस्त, 2025 को किया था।
नोटिस में कहा है कि अस्पताल के 9 चिकित्सा अधिकारी (मेडिकल ऑफिसर), 10 नर्सिंग ऑफिसर, 3 फार्मासिस्ट, 2 लैब टेक्नीशियन और 1 एक्स-रे टेक्नीशियन तय समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। सभी दोषी कर्मचारियों से तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अगर वे संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इन 25 लोगों को मिला नोटिस
चिकित्सा अधिकारी : डॉ. योगेश सिंह कुरव, डॉ. सुनंदा जैन, डॉ. अब्दुल हाफीज, डॉ. मनीष मुकाती, डॉ. दानिश पटेल, डॉ. दयाशंकर त्रिपाठी, डॉ. भावना मालवीया, डॉ. हर्षिता शर्मा और डॉ. सुरती शर्मा
नर्सिंग ऑफिसर : संध्या नारीया, रजनी मोवाडे़, भाग्यश्री फाटेगाओंकर, मोनीका बोबड़े, मेघा सोनी, लीना जाटव, रेखा गुप्ता, श्रृष्टि खासदेव, मीना वाडकेले और पायल भास्कर
फार्मासिस्ट : ममता माजोका और ललीता साहु और एनएन वर्मा
लैब टेक्नीशियन : ग्यान सिंह बोरेला और लोकेश जैन
एक्स-रे टेक्नीशियन: जयदीप मजोका

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