नई दिल्ली। 
नीट पेपर लीक मामले में शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध-प्रदर्शन और फिर संसद मार्च अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और छात्रों के साथ जो मारपीट की गई और जैसे उन्हें खदेड़ा गया, उसके बाद हालात ने और विकराल रूप ले लिया। शबाना आजमी से लेकर कुनिका सदानंद और प्रकाश राज तक जहां जंतर-मंतर पहुंचे थे, तो कई सेलेब्स छात्रों के समर्थन में खड़े हुए। अब वेटरन एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने सरकार पर धावा बोल दिया है। छात्रों के साथ हुई मारपीट और लाठीचार्ज पर नसीरुद्दीन शाह गुस्से से तो फटे, पर साथ में रो भी पड़े।
76 वर्षीय एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भीगी आंखों के साथ एक वीडियो शेयर किया, जो दिल कचोटने वाला है। हाल ही एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसे लेकर दावा किया गया कि नसीरुद्दीन शाह दोनों बेटों के साथ जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन में पहुंचे थे और छात्रों पर हो रहे लाठीचार्ज को देख रहे थे। पर यह वीडियो असल में मुंबई में हुई एक स्क्रीनिंग का था। लेकिन अब नसीरुद्दीन शाह ने दिल चीरने वाला वीडियो शेयर किया और गुस्सा निकाला है।
नसीरुद्दीन शाह ने मारपीट करने वालों को कहा 'गुंडे'
नसीरुद्दीन शाह ने जंतर-मंतर पर 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई हिंसा पर अपनी चुप्पी तोड़ी और हमलावरों को 'गुंडे' कहा। साथ ही NEET पेपर लीक के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों का समर्थन किया। विरोध प्रदर्शन मुंबई तक भी फैल गया है, जिसके कारण पुलिस ने लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदियां लगा दी हैं।
मैं हर सांस के साथ उन्हें दुआएं देता हूं'
वीडियो में नसीरुद्दीन बोले, 'नमस्कार, आदाब मैं नसीरुद्दीन शाह दो बातें अर्ज करना चाहता हूं आप सबसे। पहली बात तो ये कि अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल ही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाबिल और बेरहम बने। अभिनय के दो अलग-अलग कोर्स- राष्ट्रीय नाट्य विद्याल और पुणे फिल्म इंस्टिट्यूट में पूरे करने के बावजूद मैंने अभिनय के बारे में सबसे ज्यादा जो सीखा, वो उन बच्चों से, जिन्हें सिखाने की कोशिश मैंने की है। मेरी पूरी हमदर्दी उनके साथ है। मैं हजार-हजार हर सांस के साथ उन्हें दुआएं देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं।' नसीरुद्दीन शाह आगे बोले, 'इस वक्त मेरा दिल भी भरा हुआ है और मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं ये देखकर कि हमारे बच्चों के साथ किस तरह जुल्म का बर्ताव किया जा रहा है उन गुंडों के हाथों, जो मुझे अमेरिका के एजेंटों की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए। कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और ये भी सोचो तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत ना हारें। बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है। बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ते रहे, मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमसे उम्मीद रही है और अब वो उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम आपके साथ हैं।'