नई दिल्ली। 
चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन  ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह के दौरान भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद थे। दूसरी तरफ, समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की उपस्थिति ने भी सबका ध्यान आकर्षित किया। जुलाई 2025 में धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद, वह पहली बार सावर्जनिक रूप से दिखे हैं।
स्वास्थ्य कारणों से धनखड़ ने दे दिया था इस्तीफा
धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से 14वें उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन उनके अचानक इस्तीफे से सरकार और विपक्ष के बीच टकराव शुरू हो गया। दरअसल, विपक्ष उनके द्वारा बताए गए कारण से सहमत नहीं था और उसने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल ने उन्हें जबरन पद से हटाया है। अपने इस्तीफे के बाद, जगदीप धनखड़ किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए और न ही मीडिया से बातचीत की, जिसके बारे में कुछ लोगों का कहना है कि यह उनकी ओर से जानबूझकर लिया गया फैसला था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन को शपथ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय मंत्रियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन को पद की शपथ दिलाई। एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन ने 9 सितंबर को हुए कड़े मुकाबले वाले चुनाव में 452 वोट हासिल करके उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीता, जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले।
कोयंबटूर से दो बार भाजपा सांसद रहे हैं राधाकृष्णन
राधाकृष्णन कोयंबटूर से दो बार भाजपा सांसद रहे हैं और उन्होंने भाजपा तमिलनाडु प्रमुख के रूप में भी कार्य किया है। उनका राजनीतिक जीवन दशकों लंबे करियर का प्रतीक है, जो जनसंघ से शुरू हुआ और फिर भाजपा में परिवर्तित हो गया।
धनखड़ ने भी दी उपराष्ट्रपति को बधाई
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को उनकी निर्णायक जीत पर उनके पूर्ववर्ती जगदीप धनखड़ ने भी बधाई दी। राधाकृष्णन को लिखे एक पत्र में, धनखड़ ने कहा कि इस प्रतिष्ठित पद पर आपकी पदोन्नति हमारे राष्ट्र के प्रतिनिधियों के विश्वास और भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि राधाकृष्णन के नेतृत्व में यह पद निश्चित रूप से और अधिक सम्मान व गौरव प्राप्त करेगा।