भाजपा नेता के बेटे सहित 11 आरोपियों पर लगी डकैती की धारा, सत्र न्यायालय को किया गया केस ट्रांसफर
नीमच।
नीमच से भाजपा नेता पुत्र पाशु भारद्वाज से जुड़े विवाद में बड़ा अपडेट सामने आया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, भाजपा नेता राकेश भारद्वाज के पुत्र प्रबुद्ध उर्फ पाशु भारद्वाज पर शहर के वीर पार्क रोड पर हुई गुंडागर्दी और हमले के मामले में न्यायालय ने बड़ा निर्णय दिया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) रविकुमार बौरासी ने लूट की धारा को खारिज करते हुए माना कि यह प्रकरण डकैती से जुड़ा गंभीर मामला है। इसी कारण केस को सत्र न्यायालय के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां आगामी सुनवाई होगी।
क्या है मामला?
11 जुलाई 2024 को भाजपा नेता राकेश भारद्वाज के बेटे प्रबुद्ध और उसके साथियों ने आरएसएस नगर कार्यवाहक और नारियल व्यापारी मोहन रामनानी की दुकान पर हमला किया था। घटना में मारपीट, तोड़फोड़ और लूटपाट हुई थी। पुलिस ने प्रबुद्ध समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया और विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया। 45 दिन बाद भाजपा नेता के बेटे को जमानत मिल गई थी। वर्तमान में सभी आरोपी जमानत पर हैं।
10 अक्टूबर 2024 को पुलिस ने चालान अदालत में पेश किया। इस बीच फरियादी मोहन रामनानी ने आवेदन लगाकर कहा कि वारदात में 10 से अधिक आरोपी शामिल थे, लेकिन पुलिस ने डकैती की जगह केवल लूट की धारा लगाई, जिससे मामला हल्का हो गया। कोर्ट ने साक्ष्य और तर्कों को देखते हुए माना कि जब पांच या उससे अधिक आरोपी वारदात करते हैं, तो मामला डकैती का बनता है।
डकैती की धारा जोड़ी
कोर्ट ने अब प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 310 (डकैती) जोड़ दी है, जिसमें आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। इससे पहले आरोपियों पर धारा 309(2), 324(4), 331(5), 296, 351(2), 61(2), 191(2), 191(3), 190 और 117(2) सहित कुल 11 धाराएं लग चुकी थीं।
ये आरोपी हैं जमानत पर
प्रबुद्ध उर्फ पाशु भारद्वाज, राजेश खलीफा, अभिषेक दुर्गज, अर्जुन दुर्गज, शिवम बघाना, राहुल नायक, राजेश भट्ट, राहुल धनगर, सुनील चौहान, विनोद गुर्जर और निकिता डगले सहित सभी आरोपी वर्तमान में जमानत पर हैं।

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