नर्मदापुरम। 
मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक गलियारों और राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है। मामला नगर पालिका परिषद की बजट बैठक का है, जहाँ 'सिस्टम' सत्ता के सामने झुकता नजर आया।
क्या है पूरा मामला?
नगर पालिका की महत्वपूर्ण बजट बैठक के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) अमर सिंह उइके ने सार्वजनिक रूप से भाजपा विधायक प्रेमशंकर वर्मा के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। जैसे ही विधायक महोदय बैठक में पहुंचे, अधिकारी ने मर्यादा और प्रोटोकॉल को दरकिनार कर उनके चरणों में शीश नवाया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कांग्रेस ने साधा निशाना: "नियमों की धज्जियां उड़ीं"
वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि एक शासकीय अधिकारी का दायित्व नियमों के दायरे में रहकर निष्पक्षता से कार्य करना होता है। इस तरह का आचरण सर्विस कंडक्ट नियमों (Service Conduct Rules) के विरुद्ध है। कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए लिखा कि "भाजपा नेताओं का आशीर्वाद लेने से भ्रष्टाचार करने में कोई दिक्कत नहीं आती।" विपक्ष का आरोप है कि जब अधिकारी सत्ताधारी नेताओं के चरणों में बैठेंगे, तो वे जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी कैसे निभाएंगे?
चर्चा का विषय बना 'चरणवंदन'
यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी अधिकारी का राजनेता के प्रति ऐसा झुकाव दिखा हो, लेकिन बजट जैसी औपचारिक बैठक में इस तरह का व्यवहार चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या सरकारी दफ्तरों में अब योग्यता और नियमों से ज्यादा 'जी-हुजूरी' को महत्व दिया जा रहा है?