भिण्ड, सबकी खबर। 
मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक के साले जिन पर बलात्कार का आरोप है उन्हें भिंड  से मुंबई जेल ले जाने के लिए कोर्ट को एक  नहीं दो नहीं तीन-तीन आदेश करने पड़े और  आप चौंक जाएंगे परसों 14 तारीख को कोर्ट  ने एक पत्र भी लिखा तब जाके यह विधायक के  साले को मुंबई रवाना किया गया है वे मुंबई  पहुंचे कि नहीं पहुंचे हमारे पास खबर नहीं  है। हम इस संबंध में जो जिम्मेदार टीआई हैं रविंद्र शर्मा उन्हें लगातार फोन  लगा रहे हैं लेकिन वे हमारा फोन नहीं उठा रहे हैं और हमारे सूत्र हमें बता रहे हैं कि इन विधायक के साले को ग्वालियर से तो रवाना कर दिया है। लेकिन मुंबई के पास किसी होटल में इन्होंने रात बिताई थी। अब ये कहां है कहां नहीं है जानकारी नहीं है प्रशासन और कोर्ट के बीच में जो कुछ चला है, वो बहुत चौंकाने वाला है। दरअसल पूरा मामला यह है कि मध्य प्रदेश में भिंड जिले के लहार से जो विधायक हैं अमरीश शर्मा । अमरीश शर्मा के साले हैं सुधांशु द्विवेदी और सुधांशु द्विवेदी पर आरोप लगा है 97 करोड़ की धोखाधड़ी का। उनमें मुंबई में उनके खिलाफ एक एफआईआर हुई और उसके बाद में उनकी गिरफ्तारी ईडी ने की। ईडी का भी इन्वॉल्वमेंट हुआ और ईडी ने इन्हें गिरफ्तार करके मुंबई जेल में डाल रखा था। मुंबई जेल में इनके पास वो सुविधाएं नहीं थी जो मध्य प्रदेश में मिल सकती हैं। राजनीतिक संरक्षण में मिल सकती हैं। और लहार के पूर्व विधायक डॉ.गोविंद सिंह जो मध्य प्रदेश में पूर्व नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं। उनका आरोप है कि केवल और केवल मुंबई जेल से निकालने भिंड जेल तक लाने और यहां तमाम सारा सुविधाएं देने के लिए एक झूठी एफआईआर कराई गई। और यह एफआईआर थी बलात्कार की। ग्वालियर की एक महिला लहार पहुंची। उस महिला ने कहा कि जेल जाने से पहले सुधांशु द्विवेदी इन्होंने और इनके एक साथी ने मेरे साथ रैप किया। उस रैप की एफआईआर दर्ज होते ही पूरी प्लानिंग के तहत लहार थाने के थाना प्रभारी रविंद्र शर्मा दौड़े-दौड़े मुंबई गए। और मुंबई से इनको भिंड ले आ गए। कोर्ट में पेश किया। वहां से इन्होंने पीआर लिया। पुलिस रिमांड लिया और पूछताछ के नाम पर सर्किट हाउस में गेस्ट हाउस में इनकी खातिरदारी हुई। यह सारी चीजें वहां छप रही थी। यह अखबारों में चल रहा था। अब इसके बाद लहार कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती स्वागिता पुंडे श्रीवास्तव। इन्होंने वहां तीन आदेश किए कि अब इस आरोपी की जरूरत नहीं है। इन्हें वापस मुंबई भेजा जाए तो मेडिकल लगा दिया गया। तमाम सारी चीजें हुई है पिछले 15—20 दिन में।  लेकिन कोर्ट ने पहला आदेश किया कि इनको अब जरूरत नहीं है आप भेज दीजिए। लेकिन फिर वह उन्होंने भिंड से ग्वालियर में शिफ्ट कर दिया। ग्वालियर के जय आरोग्य अस्पताल में भर्ती कर दिया। बताया इनकी शुगर बढ़ी हुई है। इनका बीपी बड़ा हुआ है। इनको हार्ट की प्रॉब्लम है। बहुत सारी चीजें बताई गई। फिर कोर्ट ने आर्डर किया कि पांच डॉक्टरों की जांच रिपोर्ट पेश की जाए। वहां तीन या चार डॉक्टरों ने जांच करके कोर्ट को रिपोर्ट दी। उसके बाद कोर्ट ने फिर आदेश किया कि इनको भेजिए आप। तीन बार कोर्ट के आदेश हुए हैं कि इन्हें तो आप मुंबई भेजिए। 12 तारीख को कोर्ट ने फाइनल आर्डर कर दिया था कि यदि अब नहीं भेजा तो इन इनकी जिम्मेदारी होगी। आप अंदाज लगाइए। यह कोर्ट ने कहा कि 14 तारीख तक इन्हें मुंबई मुंबई जेल में शिफ्ट करने के बाद वहां की रिपोर्ट पेश करिए आप। लेकिन बताते हैं कि 14 तारीख तक वो ग्वालियर में ही थे। जाने को ही तैयार नहीं थे। इसके बाद में 14 तारीख को जब उन्हें यह पता चला जो जज हैं लहार कोर्ट की श्रीमती स्वागिता पुंडे श्रीवास्तव के उनके आदेश का पालन नहीं हो रहा है तो उन्होंने एक और पत्र लिखा। ज्ञात हो कि ​विगत दिवस जब उप मुख्यमंत्री ग्वालियर में थे तो बताते हैं कि इस आरोपी के कुछ रिश्तेदार उपमुख्यमंत्री से मिले। उन पर प्रेशर डालने की कोशिश की। लेकिन उप मुख्यमंत्री जो स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि जो कुछ कहना है लिखित में दीजिए। कोर्ट का मामला है। मैं कोई मदद नहीं करूंगा। बड़ा साफ कह दिया था। ऐसा बताया जा रहा है। फिलहाल ये जो बलात्कार के आरोपी हैं। हालांकि बलात्कार की एफआईआर कुछ लोग कह रहे हैं कि गलत है, सही है, वो जांच के बाद पता चलेगा। लेकिन इनके खिलाफ मुंबई कोर्ट में भी 97 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। पूरी ताकत लगा ली गई। लेकिन अब कोर्ट के आदेश पर वे ग्वालियर से रवाना हो गए हैं। अब वे मुंबई कब पहुंचेंगे या इंदौर में भर्ती कर दिए जाएंगे? अच्छा एक बात बता दूं कि मुंबई में जो 97 करोड़ की धोखाधड़ी जिनके साथ हुई है वो आवेदक इंदौर के रहने वाले हैं। तो इसकी उम्मीद मुझे कम लग रही है कि यह इंदौर में भर्ती करेंगे क्योंकि वह आवेदक भी वहां एक्टिव हो सकते हैं और आदेश केवल इंदौर के हैं। इसके बाहर के कोई आदेश नहीं है। देखते हैं क्या होता है। मुंबई जेल तक वह पहुंच पाते हैं, नहीं पहुंच पाते हैं या कोई और बहाना करके वापस बुलाए जाते हैं। रास्ते में वे कहां है, कहां नहीं है। कुछ सूत्र बता रहे हैं कि वे किसी होटल में रुके थे रात में। टीआई फोन उठा नहीं रहे हैं।  लेकिन इतना जरूर है कि आज कोर्ट फिर इस बारे में जानकारी तो ले ही सकती है। सुनवाई शायद 18 तारीख को होगी। 18 को पूरी रिपोर्ट पेश करनी है प्रशासन को। देखते हैं कि विधायक के साले साहब मुंबई तक पहुंच पाएंगे या रास्ते में कहीं एडमिट होंगे या वापस भोपाल लाए ग्वालियर लाए जाएंगे। सारी चीजों पर हमारी नजर है।