कैलारस शुगर मिल पर महासंग्राम, 21 को जुटेंगे किसान, राकेश टिकैत भरेंगे हुंकार, कांग्रेस भी तैयार
मुरैना।
कैलारस शुगर मिल की नीलामी के विरोध में किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं. मुरैना में 21 सितंबर को किसान शक्ति प्रदर्शन करने वाले हैं. इस मौके पर किसान नेता राकेश टिकैत आवाज बुलंद करेंगे. उनके साथ होंगे मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी. किसानों के साथ ही कांग्रेस ने इस आंदोलन की तैयारियां कई दिन पहले से शुरू कर दी.
कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने किसानों को किया एकजुट
शक्कर कारखाना बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले जौरा कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय गांव-गांव घूमकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं. पंकज उपाध्याय का कहना है "वह अभी तक 350 गांवों का भ्रमण कर किसानों को आंदोलन में शामिल होने का न्योता दे चुके हैं. कैलारस शुगर मिल को 1972 में किसानों ने अपने खून-पसीने की कमाई से खड़ा किया. बीजेपी सरकार ने इसे साजिश के तहत बंद कर दिया. किसानों की एक ही डिमांड है कि शुगर मिल चालू की जाए.
शक्कर कारखाना चालू नहीं होने तक जारी रहेगा आंदोलन
कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने बताया "आंदोलन को मजबूती देने के लिए किसान नेता राकेश टिकैत भी हमारे बीच आ रहे हैं. इस आंदोलन में 5 हजार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ 50 हजार किसान शामिल होंगे. जब तक कारखाना चालू नहीं हो जाता, अंदोलन जारी रहेगा. सरकार की मंशा कारखाने को खत्म कर करोड़ों की जमीन को हड़पने की है. हम सरकार की इस मंशा को पूर्ण नहीं होने देंगे." पंकज उपाध्याय ने अंदोलन की तैयारियो को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की.
जीतू पटवारी भी होंगे आंदोलन में शामिल
कांग्रेस का कहना है "मध्य प्रदेश सरकार ने अभी हाल ही में शुगर मिल बेचने का निर्णय लिया है. इसको लेकर किसानों में भारी आक्रोश है." कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष मधुराज तोमर ने बताया" कैलारस शुगर मिल चालू करवाने के लिए किसान आंदोलन करेंगे. इसमें किसान नेता राकेश टिकैत तथा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भी शामिल होंगे. हमें किसानों का भरपूर समर्थन मिल रहा है. चंबल की यह लड़ाई सिर्फ शुगर मिल की नहीं बल्कि किसानों की है."
राकेश टिकैत ने वीडियो जारी कर अपनी बात रखी
वहीं, भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने वीडियो संदेश जारी कर कहा "वह 21 सितंबर को मुरैना पहुंचेंगे और किसानों के साथ मिलकर सरकार से कारखाना शुरू कराने की मांग करेंगे. कारखाना सिर्फ एक उद्योग नहीं, बल्कि किसानों की धरोहर है. कैलारस शक्कर कारखाना चालू होने पर लगभग 25,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और करीब 2,000 युवाओं को सीधी नौकरी मिलेगी. यह सहकारिता से शुरू किया गया उद्योग है. इसे बंद करने का अधिकार सरकार को नहीं है." राकेश टिकैत ने चेतावनी दी "अगर सरकार ने किसानों की मांग नहीं मानी, तो उन्हें दिल्ली जैसा बड़ा आंदोलन खड़ा करना पड़ेगा."

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