3000 अपन को दे दो, 10000 रुपए केके शर्मा को दे दो... भ्रष्ट अफसरों के रेट सुनकर मेयर को सांप सूंघ गया
मुरैना।
नगर निगम की कचहरी में भ्रष्टाचार का खेल लगातार सामने आ रहा है। भवन निर्माण की अनुमति दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का एक और मामला उजागर हुआ है। फरियादी सूरज कुमार ने महापौर को ज्ञापन सौंपकर चार कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही मेयर के सामने स्पीकर ऑन कर रिश्वत मांगने वाले कर्मचारी से बात की। यह सुनकर मेयर सन्न रह गईं।
नामांतरण के लिए मांग रहे रुपए
सूरज कुमार ने अपने लिखित शिकायत पत्र में आरोप लगाया कि मुरैना नगर निगम कचहरी में राजस्व विभाग के आरआई से लेकर डायवर्सन और नामांतरण से जुड़े कर्मचारी अनुमतियों के एवज में खुलेआम रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार किसी कर्मचारी ने 10 हजार तो किसी ने 8 हजार रुपए की मांग की। सूरज ने बताया कि उन्होंने कर्मचारियों को रकम भी दे दी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें भवन निर्माण की अनुमति प्रदान नहीं की गई।
भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी है पूरी प्रक्रिया
वहीं, सूरज कुमार का कहना है कि अनुमति प्रक्रिया पूरी तरह भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी है, जहां बिना पैसे दिए काम नहीं होता और पैसे देने के बाद भी आम नागरिकों को चक्कर काटने पड़ते हैं। उन्होंने महापौर से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित भ्रष्ट कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि नगर निगम में व्याप्त अवैध वसूली पर रोक लग सके।
रिश्वतखोर कर्मचारियों को फोन किया
इतना ही नहीं अपनी बात को सही सिद्ध करने के लिए सूरज ने महापौर के सामने ही संबंधित कर्मचारियों को फोन किया और सभी से उनके द्वारा अनुमति के नाम पर मांगी जा रही, रिश्वत की रकम के बारे में भी बताया। मौके पर मौजूद लोगों ने इसका वीडियो भी बना लिया। जो कि अब शोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रह है।
आमजन को कर रहे परेशान
महापौर शारदा सोलंकी को सौंपे गए ज्ञापन में सूरज कुमार ने नगर निगम कचहरी के कर्मचारियों पर व्यवस्था को बदनाम करने और आमजन को परेशान करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन समय रहते ऐसे कर्मचारियों पर लगाम नहीं लगाएगा, तो भ्रष्टाचार और बढ़ेगा और आम लोगों के लिए भवन अनुमति जैसी जरूरी सेवाएं लेना मुश्किल हो जाएगा। हालांकि इसके बाद महापौर द्वारा संबंधित मामलों में कार्रवाई करने की बात कही गई है। उनका कहना है कि नियमानुसार जो भी करवाई होगी वह किया जाएगी।

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