मुरैना।
जिला अस्पताल से एक अमानवीय घटना सामने आई है, जिसने लोगों को हिला कर रख दिया है. मंगलवार से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि परिजन अपने घायल मरीज को स्ट्रेचर पर रखकर अस्पताल के मुख्य गेट तक ले जा रहे हैं. क्योंकि एंबुलेंस को अस्पताल के अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई.
अस्पताल में एंबुलेंस की एंट्री पर रोक
दिमनी थाना क्षेत्र के लहर गांव निवासी जगदीश गुर्जर 5 अक्टूबर को सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे. उनको उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ. जिसके बाद परिवार ने उन्हें सोमवार शाम को ग्वालियर के एक निजी अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया. ग्वालियर ले जाने के लिए परिजनों ने प्राइवेट एम्बुलेंस बुलाई. लेकिन अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एम्बुलेंस को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया.मरीज को स्ट्रेचर पर लादकर ले गए परिजन
परिजन ने जब इसका कारण जानना चाहा तो पुलिसकर्मियों ने बताया कि कलेक्टर के आदेश से अस्पताल प्रबंधन ने नया नियम लागू किया है. जिसके तहत एंबुलेंस अस्पताल परिसर के अंदर प्रवेश नहीं करेगी. परिजन स्वयं ही स्ट्रेचर पर रखकर अपने मरीज को एंबुलेंस तक ले जाएंगे.
लोग सोशल मीडिया पर निकाल रहे भड़ास
मरीज के बेटे श्यामू गुर्जर ने एंबुलेंस को अस्पताल के अंदर नहीं आने देने का विरोध करते हुए कहा कि "कलेक्टर और एसपी जनता के लिए होते हैं, जनता उनके लिए नहीं है. यदि जनता ही परेशान होगी तो ऐसे नियम का क्या होगा?" इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन डॉ. गजेन्द्र सिंह तोमर से संपर्क करने की कोशिश की. हालांकि, उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. सोशल मीडिया पर मामला तूल पकड़ने के बाद लोग इस नियम के खिलाफ अपनी नाराजगी जता रहे हैं.