मंदसौर। 
राजनीति में विरोध जताने के तरीके तो बहुत देखे होंगे, लेकिन मंदसौर में कांग्रेस ने एक ऐसा 'सांकेतिक तमाशा' किया जिसने राहगीरों को रुकने पर मजबूर कर दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीच सड़क एक ऊंट को जीरा खिलाकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
क्या है पूरा माजरा?
कांग्रेस का यह विरोध किसानों को मिलने वाले गेहूं के दाम और बोनस को लेकर था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि: भाजपा ने चुनाव के दौरान किसानों से ₹2700 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने का संकल्प लिया था। सरकार बनने के बाद यह वादा ठंडे बस्ते में चला गया।
सरकार ने जो ₹40 प्रति क्विंटल का बोनस देने का ऐलान किया है, उसे कांग्रेस ने ऊंट के मुंह में जीरे के समान बताया है। ₹2700 का वादा कर सिर्फ ₹40 का बोनस देना किसानों के साथ भद्दा मजाक है। यह प्रदर्शन सरकार को उसकी कुंभकर्णी नींद से जगाने के लिए है।"
चर्चा में रहा प्रदर्शन, पर गायब रहे किसान
कांग्रेस का यह 'ऊंट वाला दांव' सुर्खियां बटोरने में तो कामयाब रहा। सड़क से गुजरने वाले लोग यह नजारा देख ठिठक गए और मोबाइल में वीडियो बनाने लगे। हालांकि, खबर की  यह भी रही कि इस किसान आंदोलन में खुद किसानों की मौजूदगी बेहद कम रही। भीड़ में ज्यादातर कांग्रेसी कार्यकर्ता ही नजर आए, जिससे प्रदर्शन के जमीनी असर पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
मंदसौर की सड़कों पर हुआ यह प्रदर्शन सोशल मीडिया पर तो वायरल है, लेकिन क्या यह सांकेतिक जीरा सरकार की नीति बदलेगा या सिर्फ एक 'फोटो ऑप' बनकर रह जाएगा, यह देखना बाकी है।