अशोकनगर।
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के अशोकनगर जिला अस्पताल (Ashoknagar District Hospital) में एक मां अपनी बच्ची के लिए घंटों रोती और बिलखती रही. लेकिन, उसको 108 एंबुलेंस नहीं मिल सकी. इसके बाद महिला ने कलेक्टर को कॉल करके पीड़ा सुनाई, तो तुरंत कलेक्टर ने डॉक्टरों को कॉल करके 108 की व्यवस्था के निर्देश दिए. लेकिन, उसके बावजूद काफी देर तक इस मासूम बच्ची को भोपाल ले जाने के लिए 108 की व्यवस्था नहीं हो सकी.
क्या है पूरा मामला?
चन्देरी सिविल अस्पताल से रात को पलक यादव (10 साल) को जिला अस्पताल रेफर किया गया था. इसको जिला अस्पताल के PICU वार्ड में भर्ती किया गया. बच्ची की तबीयत ज्यादा खराब होने के चलते डॉक्टर नितेश जैन ने 9 बजे के आसपास भोपाल रेफर किया. ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने 108 पर कॉल करके एंबुलेंस बुक की. इसके बाद एंबुलेंस जिला अस्पताल आई भी, लेकिन बच्ची को लेकर नहीं गई. 
परिजनों ने लगाया आरोप
बच्ची के परिजनों ने बताया कि 108 एंबुलेंस के चालक ने पैसों की डिमांड की. लेकिन, जब पैसा नहीं दिए तो वो वापस चला गया. इसके बाद जिला कलेक्टर को जानकारी दी गई, फिर भी कुछ नहीं हुआ. बच्ची के लिए उसके बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली.
बच्ची की हालत नाचुक
मामले में डॉक्टर का कहना है कि बच्ची को लगातार ब्लीडिंग हो रही है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. फिलहाल, दोपहर तीन बजे 108 एंबुलेंस से उसे भोपाल भेजा गया है.