भगवा राज में 'भगवाधारियों' की जंग: शंकराचार्य पर झूठी FIR, रामभद्राचार्य को जान का खतरा और अयोध्या राम मंदिर में करोड़ों के गबन का सनसनीखेज आरोप!
लखनऊ/अयोध्या, सबकी खबर।
देश का एकमात्र ऐसा राज्य जहां खुद एक महंत यानी योगी आदित्यनाथ की सरकार है, वहां से सनातन धर्म को झकझोर देने वाली ऐसी खबरें सामने आ रही हैं जो किसी को भी कांपने पर मजबूर कर दें। उत्तर प्रदेश में इस समय 'भगवा ही भगवा' से लड़ रहा है। संतों के बीच साजिशें, झूठी एफआईआर और हत्या की आशंकाओं का एक ऐसा कॉकस (गठबंधन) सक्रिय हो गया है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतना ही नहीं, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या से राम मंदिर के दान की रकम में करोड़ों की हेरफेर का एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी है।
पुलिस प्रशासन अब तक खामोश क्यों है?
जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज, जिन्हें हिंदू समाज में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है, उनके खिलाफ प्रयागराज में एक बेहद संगीन और घिनौनी एफआईआर (पोक्सो एक्ट के तहत) दर्ज कराई गई थी। अब इस पूरी साजिश का पर्दाफाश खुद एफआईआर कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आशुतोष ब्रह्मचारी ने खुलेआम स्वीकार किया है कि शंकराचार्य महाराज के खिलाफ लिखवाई गई वह एफआईआर पूरी तरह से झूठी और मनगढ़ंत थी। यह पूरी साजिश मथुरा के रामचंद्र दास (जय) के इशारे पर रची गई थी, जिसने उसे वॉट्सऐप चैटिंग और अन्य तरीकों से दबाव में लिया था। इस साजिश में शासन-प्रशासन के कई बड़े अधिकारी भी लिप्त थे, जिन्होंने शंकराचार्य को फंसाने में मदद की। बड़ा सवाल यह है कि जब एफआईआर दर्ज कराने वाला खुद मीडिया और सोशल मीडिया पर आकर अपनी गलती और साजिश कबूल कर रहा है, तो योगी सरकार का पुलिस प्रशासन अब तक खामोश क्यों है? इस अपराधी मानसिकता के व्यक्ति को अब तक जेल की सलाखों के पीछे क्यों नहीं भेजा गया?
डरे हुए और भावुक अंदाज में आया था जगतगुरु रामभद्राचार्य जी महाराज का वीडियो
इस विवाद की आंच यहीं नहीं थमी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी और देश के जाने-माने कथावाचक जगतगुरु रामभद्राचार्य जी महाराज का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे बेहद डरे और कंपित नजर आ रहे हैं। रामभद्राचार्य जी ने भावुक होते हुए कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी के बयानों से मुझे और मेरे पीठ (उत्तराधिकारी) को जान का खतरा महसूस हो रहा है। मैं अंदर से बहुत आहत और कंपित हूं। प्रशासन को इस अपराधी इतिहास वाले व्यक्ति के खिलाफ सघन जांच कर कठोरतम कार्रवाई करनी चाहिए। इसके जवाब में पलटवार करते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक और वीडियो जारी कर दावा किया कि रामभद्राचार्य जी को खतरा उससे नहीं, बल्कि उनके खुद के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास से है, जो उनके पैसों को ठिकाने लगा रहा है और आश्रमों पर अवैध कब्जे कर रहा है। संतों के बीच चल रही यह 'गैंगवार' सनातन परंपरा को सरेआम कलंकित कर रही है।
राम जन्मभूमि अयोध्या से चोरी...
उत्तर प्रदेश से आई दूसरी सबसे हिला देने वाली खबर राम जन्मभूमि अयोध्या से है। राम मंदिर न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के उत्तराधिकारी और शिष्यों ने एक वीडियो में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका सीधा आरोप है कि राम मंदिर आंदोलन के समय जो लोग साइकिल और रिक्शे पर घूमते थे, वे आज बड़ी-बड़ी लग्जरी गाड़ियों और हवेलियों के मालिक बन बैठे हैं। राम मंदिर की दान पेटियों से करीब 7 करोड़ रुपये की हेरफेर की बात सामने आ रही है। जब उनसे जांच के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दर्द और बेबाकी से कहा कि वहां तो जांच करने वाले भी सब बेईमान हैं। जब वहां खुद 'चंपत राय' बैठे हैं, तो जांच क्या होगी? संस्कृत में 'चंपत' का मतलब ही होता है लेकर भाग जाना। वहां जो सोना-चांदी और पैसा आया, उसका कोई सही लेखा-जोखा ही नहीं मिल रहा है। भगवान ही अब इसका न्याय करेंगे।
मुख्यमंत्री महाराज हैं कोई जवाब आपके पास...
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे और तीखे सवाल खड़े होते हैं। पहला यह कि योगी जी, आपकी नाक के नीचे एक अखंड ब्रह्मचारी और देश की धरोहर माने जाने वाले शंकराचार्य के चरित्र पर इतना कीचड़ उछाला गया, और दोषी के कबूलनामे के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी है? दूसरा सवाल यह कि आपके प्रिय और आदरणीय संत रामभद्राचार्य जी अगर आपकी सरकार में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो यूपी में आम आदमी की सुरक्षा का क्या भरोसा? और तीसरा यह कि दुनिया भर के हिंदुओं की आस्था के केंद्र 'राम मंदिर' के पैसे और सोने-चांदी में हो रही इस कथित चोरी पर आपकी सरकार कड़ा चाबुक कब चलाएगी? चाहे कोई संगठन से जुड़ा हो या सरकार से, आस्था के लुटेरों को जेल कब होगी? जनता देख रही है और जवाब मांग रही है!

अब दूर-दराज के मरीजों तक तेजी से पहुंचेगी मदद, 720 नई एंबुलेंस की तैयारी
असम में बाढ़ का कहर, 50 लोगों की मौत; 40 अब भी लापता, हालात बेहद गंभीर
CJP प्रोटेस्ट लाठीचार्ज पर भड़के राज ठाकरे, बोले- 'ऊपर से आदेश के बिना नहीं होता ऐसा'