लद्दाख में हालात काबू करने के लिए भेजी गई CRPF और ITBP की और कंपनियां, हिंसा को साजिश मान रहा गृह मंत्रालय
नई दिल्ली।
लद्दाख की राजधानी लेह में बुधवार को भड़की हिंसा के पीछे केंद्रीय गृह मंत्रालय सुनियोजित साजिश मान रहा है। मौके पर स्थिति संभालने के लिए सीएपीएफ की कम से कम 12 कंपनियों को लेह भेजा जा रहा है। इनमें सीआरपीएफ की चार कंपनियां पहुंच चुकी हैं। चार गुरुवार को पहुंच जाएंगी। जबकि पहले से ही वहां पर सात कंपनियां थी। आईटीबीपी की भी चार और कंपनियों को मौके पर भेजा गया है। जरूरत के मुताबिक अन्य पैरा मिलिट्री फोर्स को भी लद्दाख भेजा जाएगा। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि लद्दाख और वहां के नौजवान कुछ लोगों की संकीर्ण राजनीति और क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की निजी महत्वाकांक्षाओं का शिकार हो रहे हैं।
छह अक्टूबर को होनी थी मीटिंग
सूत्रों का कहना है कि केंद्र ने 'लद्दाख एपेक्स बॉडी' (ABL) और 'कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस' (KDA) द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए हाई पावर कमिटी (HPC) की बैठक के लिए छह अक्टूबर का दिन पहले ही तय कर दिया था। केंद्र ने ABL द्वारा प्रस्तावित HPC के नए सदस्यों पर भी सहमति जताई। बैठक को निर्धारित तारीख से पहले आयोजित करने का अनुरोध मिलने पर 25-26 सितंबर को कुछ बैठकों के आयोजन पर विचार किया जा रहा था। इस सबके बावजूद हिंसा क्यों भड़काई गई? गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख में अरब स्प्रिंग पैटर्न में विरोध प्रदर्शन के संकेत देते रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि यह भी जांच की जाएगी कि क्या इसमें नेपाल में Gen Z के विरोध प्रदर्शनों का जिक्र साजिश तो नहीं है।

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