'सबकुछ सरकार करे, ये ठीक नहीं' इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई 18 मौंतों पर खंडवा सांसद का बयान
खंडवा।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 18 मौतों को लेकर पूरे प्रदेश में रोष है. प्रदेश सरकार ने इसको लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं, लेकिन नेताओं की बयानबाजी नहीं रूक रही है. ताजा बयान खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल की ओर से आया है. उन्होंने घटना के लिए जनता को भी बराबर का दोषी ठहराया है. खंडवा से सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि सरकार ही सब कुछ करे, हम सरकार के भरोसे ही रहे, यह तो ठीक नहीं है, जनता की भी घटना में बराबर की जवाबदारी बनती है. उन्होंने आगे कहा कि सभी को इंदौर की घटना से सबक लेते हुए अपने घरों की टंकी की साफ करनी चाहिए.
इंदौर में अब तक हो चुकी है 18 लोगों की मौत
गौरतलब है अब तक इंदौर में दूषित पानी पीने से 18 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. घटना के पीछे दूषित पानी को दोषी ठहराया गया है. घटना के बाद मध्य प्रदेश नगर विकास मंत्री द्वारा दिया गया बयान पहले सोशल मीडिया पर सुर्खियां बना चुका है, लेकिन बयानबाजी का दौर थमता हुआ नहीं दिख रहा है.
जनता ने बार-बार प्रशासन को चेताया था कि
सांसद से जब उनसे पूछा गया कि जनता क्यों जिम्मेदार है जनता ने तो बार-बार प्रशासन को चेताया था, तब उन्होंने बात को घूमाते हुए कहा कि, जो घटना हुई है वह दुर्भाग्यपूर्ण है, घटना में दोषियोंं पर कार्रवाई हुई है और आगे भी जो दोषी होगा उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा. इंदौर में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए सांसद पाटिल ने कहा कि घटना में जो लोग मारे गए हैं, उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. सांसद ने कहा कि जो मौतें हुई हैं, उसको लेकर भारतीय जनता पार्टी का पूरा परिवार और सरकार भी अपनी संवेदना व्यक्त करती है.
8 सालों से सबसे स्वच्छ शहरों मे शुमार है इंदौर
उल्लेखनीय है इंदौर पिछले 8 सालों से देश के सबसे स्वच्छ शहरों मे शुमार है, लेकिन इंदौर में दूषित पानी से मारे गए लोगों की घटना ने शहर की स्वच्छता की प्रामणिकता पर सवाल उठा दिए हैं. सबसे स्वच्छ शहर में दूषित पानी से हुई मौतों ने उसकी वास्तविकता को प्रकट कर दिया है, जिससे डेटा पर प्रश्नचिन्ह लग गया है.

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