कटनी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आगामी 14 मार्च को कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बरी पहुंच रहे हैं। इस दौरे को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। स्थानीय विधायक संजय पाठक पिछले करीब डेढ़-दो साल से मुख्यमंत्री को अपने क्षेत्र में बुलाने का प्रयास कर रहे थे, और अब लंबी प्रतीक्षा के बाद यह कार्यक्रम तय हुआ है।
जोर-शोर से तैयारियां, पलक पावड़े बिछाए
विधायक संजय पाठक ने मुख्यमंत्री के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी है। क्षेत्र में 'अभिनंदन यात्रा' निकालने की तैयारी है और सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक बैठकों का दौर जारी है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री यहाँ 650 एकड़ जमीन को सिंचित करने वाली एक नई सिंचाई योजना का भूमिपूजन या शुभारंभ कर सकते हैं। स्थानीय मतदाताओं को उम्मीद है कि इस दौरे से क्षेत्र में सड़कों और विकास के नए द्वार खुलेंगे।
विवादों के साये में 'खास' विधायक
यह दौरा केवल एक सामान्य सरकारी कार्यक्रम नहीं है। संजय पाठक मध्य प्रदेश के अन्य विधायकों की तुलना में ज्यादा चर्चा में रहते हैं, लेकिन इसकी वजह उन पर लगे गंभीर आरोप भी हैं। खुद मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्वीकार किया है कि पाठक के परिवार की कंपनियों (एक्सिस माइनिंग) पर अवैध खनन के लिए ₹447 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। उन पर टीआईटी (कटनी नगर निगम) की बेशकीमती जमीनें ओने-पौने दाम पर खरीदने और सहारा की करोड़ों की जमीन महज 10% कीमत पर हासिल करने के आरोप हैं। करीब 1100 एकड़ आदिवासी जमीन अपने नाम करने का मामला भी कोर्ट-कचहरी में लंबित है।
क्या कहते हैं जानकार... 
वरिष्ठ पत्रकार रवीन्द्र जैन की मानें तो, जब विधायक पर इतने गंभीर आरोप हों और मामले कोर्ट में हों, तो मुख्यमंत्री का उनके साथ मंच साझा करना और गले मिलना संजय पाठक के लिए एक बड़ी राजनीतिक राहत की तरह देखा जा रहा है।
रिश्तों में सुधार या जनता का उद्धार?
हालांकि सरकार का कहना है कि यह मुख्यमंत्री के प्रदेश की सभी 230 विधानसभाओं के भ्रमण का हिस्सा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या यह यात्रा केवल 'संबंध सुधार कार्यक्रम' बनकर रह जाएगी? क्षेत्र की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री के आने से केवल विधायक की छवि चमकेगी या वास्तव में विजयराघवगढ़ के विकास को नई गति मिलेगी।