मुख्यमंत्री की सुरक्षा में भारी चूक, कटनी के बरही में मचा हड़कंप
कटनी/भोपाल।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा में हुई एक गंभीर चूक ने पुलिस प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। विजयराघवनगर विधानसभा के बरही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, सीएम के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग से ठीक पहले प्रतिबंधित क्षेत्र में जमकर आतिशबाजी की गई। इस मामले में अब प्रशासन की कार्यप्रणाली और स्थानीय विधायक की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
बीती 14 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विकास कार्यों के सिलसिले में बरही पहुंचे थे। प्रोटोकॉल के अनुसार, हेलीपैड के आसपास किसी भी प्रकार की आतिशबाजी या धुआं करना सख्त मना था ताकि पायलट को लैंडिंग में कोई समस्या न हो। हालांकि, जैसे ही मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर आसमान में दिखाई दिया, हेलीपैड की बाउंड्री वॉल के पास भारी मात्रा में पटाखे और लड़ी फोड़ी गई। धुएं के कारण स्थिति जोखिम भरी हो गई, जिससे एक बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिस की 'अज्ञात' एफआईआर पर उठे सवाल
पुलिस शुरुआत में इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन दबाव बढ़ने पर बरही थाने में एफआईआर (क्रमांक 210/2026) दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और 287 के तहत मामला दर्ज। पुलिस ने इसे 'अज्ञात शरारती तत्वों' के खिलाफ दर्ज किया है। एफआईआर में माना गया है कि इस कृत्य से आमजन और वीआईपी का जीवन संकट में पड़ सकता था।
प्रशासन और राजनीति के बीच फंसी सुरक्षा
चर्चा है कि यह कार्यक्रम स्थानीय विधायक संजय पाठक के शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया था। पत्रकारों का आरोप है कि विधायक के समर्थकों ने ही अति उत्साह में यह आतिशबाजी की। हैरानी की बात यह है कि घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, जबकि पूरा कार्यक्रम कैमरों और पुलिस की मौजूदगी में हुआ था।
अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। भोपाल से वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी जांच के लिए भेजी जा सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी (TI) अरविंद चौबे, एसडीओपी और एडिशनल एसपी पर जल्द ही बड़ी गाज गिर सकती है।

ऊर्जा और खनिज संसाधनों के वैश्विक समीकरण पर पड़ सकता है बड़ा असर
Indian Premier League 2026 से पहले टीमों की बढ़ी चिंता, 6 स्टार खिलाड़ी अभी भी रिहैब में
टीम इंडिया के कप्तान बनने की कहानी Suryakumar Yadav ने खुद बताई
जेके हॉस्पिटल और यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी