हाईकोर्ट के जज को फोन कर दबाव बनाने के आरोप में घिरे भाजपा विधायक संजय पाठक, कांग्रेस विधायक ने लगाया बड़ा आरोप
भोपाल।
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. दरअसल, भाजपा (BJP) के कटनी से विधायक और पूर्व मंत्री संजय पाठक (Sanjay Pathak) पर गंभीर आरोप लगे हैं. कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी (Kunal Chaudhary) ने सोशल मीडिया पर एक हाईकोर्ट ऑर्डर (MP Highcourt Order) की कॉपी साझा करते हुए दावा किया कि इस मामले में पाठक ने सीधे तौर पर जज को फोन कर दबाव बनाने की कोशिश की थी.
कुणाल चौधरी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “भाजपा विधायक संजय पाठक हाईकोर्ट के जज को खरीदना या धमकाना चाहते हैं. हर कोई बिकाऊ और डरपोक नहीं होता साहब, सच्चाई सामने आ ही जाती है. चाहे वोट चोरी हो, वोट ख़रीदी या दलाली.” इस पोस्ट के साथ ही उन्होंने अदालत के आदेश की कॉपी भी साझा की है, जिसमें जज ने जिक्र किया है कि विधायक का फोन आया था. कांग्रेस का कहना है कि यह घटना न सिर्फ न्यायपालिका की गरिमा पर सीधा हमला है, बल्कि सत्ताधारी दल की कार्यप्रणाली को भी उजागर करती है.
न्यायालय के कामकाज में हस्तक्षेप पर उठे सवाल
भाजपा विधायक संजय पाठक लंबे समय से सुर्खियों में रहते आए हैं. कटनी में उनका प्रभाव माना जाता है, लेकिन समय-समय पर वे विवादों में भी घिरे रहे हैं. ऐसे में जज को धमकाने के ताजा मामले को कांग्रेस ने हाथों-हाथ उठाते हुए भाजपा पर सवाल खड़े किए हैं कि आखिर विधायक न्यायालय के कामकाज में हस्तक्षेप क्यों कर रहे हैं.
पहले भी रहे हैं विवादों में
संजय पाठक मूल रूप से कांग्रेस से राजनीति में सक्रिय हुए थे, लेकिन 2014 में भाजपा का दामन थाम लिया था. इसके बाद से वे लगातार भाजपा से चुनाव जीतते रहे और मंत्री भी बने. पाठक पर पहले भी खनन से जुड़े मामलों को लेकर विपक्ष ने आरोप लगाए थे. कांग्रेस का कहना है कि भाजपा के कुछ विधायक न्यायपालिका और प्रशासन पर दबाव बनाकर अपने हित साधते हैं.
भाजपा पर भी उठे सवाल
कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि यह मामला केवल एक विधायक का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता का सवाल है. उन्होंने मुख्यमंत्री और भाजपा नेतृत्व से मांग की है कि वे संजय पाठक के खिलाफ कार्रवाई करें और जनता को बताएं कि पार्टी का इस तरह के दबाव की राजनीति से क्या लेना-देना है. उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से अब तक इस मामले पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि मामला अदालत से जुड़ा है, इसलिए बयान देने में सतर्कता बरती जा रही है. हालांकि, अंदरखाने चर्चा है कि कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा सत्र में भी उठाएगी.
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन इस तरह की घटनाएं भाजपा की छवि पर असर डाल सकती हैं. खासकर तब, जब विपक्ष लगातार सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बना रहा है. कांग्रेस इस आरोप को जनता के बीच ले जाकर भाजपा की “न्याय और लोकतंत्र विरोधी छवि” बनाने की कोशिश कर रही है.

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