हेलमेट को लेकर याचिका-कोर्ट ने कहा सुरक्षा के लिए हेलमेट जरूरी, सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित
इंदौर।
इंदौर में हेलमेट के बगैर पंपों पर पेट्रोल नहीं दिए जाने के प्रशासन के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट में इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा के लिए हेलमेट जरूरी है। कलेक्टर को इस तरह का आदेश जारी करने में मजा नहीं आया। यह लाखों लोगों की जिंदगी का सवाल है।कोर्ट ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष ने बैठक में कहा था कि हेलमेट अनिवार्य की जाना चाहिए। इसके बाद आदेश जारी हुआ। याचिकाकर्ता ने कहा कि बैठक में सड़क के गड्ढे ठीक करने व चौराहों की ट्रैफिक इंजीनियरिंग के लिए भी कहा गया, लेकिन उस पर अफसरों ने अमल नहीं किया।
जजों ने सुनवाई के दौरान कहा कि हाईकोर्ट में भी बगैर हेलमेट एंट्री नहीं देने का नियम लागू किया जाएगा। एक जज ने कहा कि हमने हाईकोर्ट के बाहर देखा था कि एक वाहन में पांच लोग सवार थे। उन्होंने हेलमेट भी नहीं पहना था। इस तरह के लोग जब हादसे का शिकार होते है तो वे दूसरे वाहन चालकों के लिए भी खतरा बनते है, इसलिए हेलमेट जरूरी है। सोमवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
भाजपा नगर अध्यक्ष ने कहा आदेश को शिथिल करे
इंदौर में हेलमेट अनिवार्य करने को लेकर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा का बयान आया है। उन्होंने कहा कि जनहानि से बचने के लिए हेलमेट शहरवासियों को पहनना चाहिए, लेकिन इसकी अनिवार्यता अलग-अलग चरणों में होना चाहिए। शहरवासियों को हेलमेट उपलब्ध कराए, उन्हें जागरुक करे। राखी व अन्य पर्वों को देखते हुए हेलमेट की अनिवार्यता के आदेश में शिथिलता लाना चाहिए।

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