इंदौर। 
इंदौर में एल्डरमैन की नियुक्ति के लिए भाजपा संगठन ने फार्मूला तय किया जा चुका है। हर विधानसभा से दो एल्डरमैन नियुक्त होंगे। एक क्षेत्रीय विधायक की पसंद से बनेगा, तो दूसरे एल्डरमैन की नियुक्ति भाजपा संगठन की पसंद से होगी। इंदौर नगर निगम का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक एल्डरमैन घोषित नहीं हो पाए है। इसे लेकर अब हलचल तेज हो गई है। इस सप्ताह एल्डरमैन की घोषणा हो सकती है। इंदौर शहर के छह विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों से संगठन ने एल्डरमैन के लिए नाम मांगे हैै। नगर निगम में इसके लिए 12 पद है। एल्डमैन के नामों की घोषणा प्रदेश भाजपा करेगी। विधायकों से मिले नामों पर भाजपा पदाधिकारियों ने मंथन करेगी। इसके बाद सूची भोपाल भेजी जाएगी। एल्डरमैन के साथ भाजपा की कार्यकारिणी के नामों पर भी पर्यवेक्षक विधायकों से चर्चा करेंगे।
हर विधानसभा में दो एल्डरमैन नियुक्त होंगे
इंदौर में एल्डरमैन की नियुक्ति के लिए भाजपा संगठन ने फार्मूला तय किया जा चुका है। हर विधानसभा से दो एल्डरमैन नियुक्त होंगे। एक क्षेत्रीय विधायक की पसंद से बनेगा, तो दूसरे एल्डरमैन की नियुक्ति भाजपा संगठन की पसंद से होगी। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि विधायकों ने नाम मांगे गए है। आए नामों पर मंथन होगा, फिर सूची भोपाल भेजी जाएगी।  
50 से ज्यादा नेता दौड़ में
एल्डरमैन के पद के लिए भाजपा में एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति है। छह विधायकों ने 50 से ज्यादा नामों की अनुंशसा की तैयारी की है। सबसे ज्यादा दावेदार तीन और एक नंबर विधानसभा में है। विधायक उन वार्डों के नेता को एल्डरमैन बनाना चाहते है, जहां नगर निगम चुनाव में भाजपा हारी थी। इसके पीछे वजह यह है कि दो साल बाद होने वाले नगर निगम चुनाव में हारे वार्ड की स्थिति मजबूत हो सके। एल्डरमैनों को सक्रियता के चलते पार्षद का टिकट मिलने की संभावना भी रहती है। इस कारण भी कई नेता इस पद के लिए प्रयास कर रहे है।