इंदौर में दिग्विजय सिंह और उषा ठाकुर की मीठी नोकझोंक; पूर्व सीएम बोले- "मैं घोर सनातनी हूँ, नर्मदा परिक्रमा की है"
इंदौर।
मध्य प्रदेश के इंदौर से लोकतंत्र के संवाद की एक अनोखी तस्वीर निकलकर सामने आई। जिसे देखकर कहा जा सकता है कि राजनेताओं में भले ही राजनीतिक मतभेत हो लेकिन संवाद बना रहना ही लोकतंत्र की असली ताकत है। दरअसल, कांग्रेस के कद्दावर नेता व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक अलग और रशुक्रवार को इंदौर दौरे पर थे। वे जब रेसीडेंसी कोठी में विधायक उषा ठाकुर से मिले तो दोनों में मीठी नोक झोंक हो गई।
उषा ठाकुर जिन्हें कट्टर सनातनी कहा जाता है का सामना दिग्विजय सिंह से हुआ तो उन्होंने भोजशाला के फैसले पर कुछ कहा इस दौरान दिग्विजय सिंह ने उषा ठाकुर को हाथ से पकड़ लिया और कहा कि- मैं घोर सनातन धर्म को मानने वाला हुं। मैने नर्मदा परिक्रमा है। एकादशी का उपवास करता हुं। उषा ठाकुर ने कहा ये मेरे बड़े भाई हैं। उषा ने कहा कि आप पक्के सनातनी है तो सार्वजनिक रुप से स्वीकार करना चाहिए। भोजशाला को लेकर जो फैसला आया है। उसका आपको सम्मान करना चाहिए। तो दिग्विजय सिंह ने कहा कि तुम्हें कैसे मान लिया कि मैंने फैसले का विरोध किया है। दोनों नेताओं की प्यार और नोंकजोंक भरी तस्वीर अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इंदौर में पूर्व विधायक अश्विन जोशी के निधन पर शोक प्रकट करने उनके निवास पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए मौजूदा हालातों को लेकर पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। पेट्रोल रेट्स, सोना और नीट परीक्षा को लेकर भाजपा सरकार को जमकर सुनाया। इसके साथ ही भोजशाला मामले में हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि फैसले का अध्ययन किया जाएगा और आगे की कार्रवाई कानून व संविधान के दायरे में रहकर ही की जाएगी। उन्होंने कहा कि भोजशाला को लेकर अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट करेगा।

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