इंदौर/रतलाम।
मध्य प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बेबाक अंदाज और कड़े अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। इस बार उन्होंने अपने जन्मदिन को लेकर कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत जारी की है, लेकिन उनकी इस अपील से पहले ही रतलाम में कुछ ऐसा हुआ कि खुद मंत्री जी भी हैरान रह गए।
विजयवर्गीय की अपील: "होर्डिंग न लगाएं, गौ-सेवा करें"
अक्षय तृतीया पर तिथि के अनुसार अपना जन्मदिन मनाने वाले कैलाश विजयवर्गीय ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने समर्थकों से बड़ी अपील की है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि उनके जन्मदिन पर शहर में कहीं भी बैनर, पोस्टर या होर्डिंग्स न लगाए जाएं। विज्ञापनों पर पैसा खर्च करने के बजाय गौ-सेवा और सामाजिक कार्यों में योगदान दें। उन्होंने नगर निगम को भी छूट दी है कि यदि कहीं पोस्टर दिखें, तो उन्हें तुरंत हटा दिया जाए।
रतलाम में हुआ 'सरप्राइज' सेलिब्रेशन
विजयवर्गीय की यह सादगी भरी अपील थोड़ी देर से आई, क्योंकि रतलाम में उनके एक कट्टर समर्थक ने पहले ही जन्मदिन का भव्य जश्न मना लिया। रतलाम विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष अशोक पोरवाल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भव्य आतिशबाजी हुई और बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए। जब विजयवर्गीय वहां पहुंचे, तो नजारा देखकर चौंक गए। मंच सजा था और केक तैयार था। खुद विजयवर्गीय ने कहा, "मुझे तो सिर्फ भोजन के लिए बुलाया गया था, मैंने कल्पना भी नहीं की थी कि यहाँ इतना भव्य स्वागत और सेलिब्रेशन होगा।"
सियासी गलियारों में चर्चा: भक्ति या शक्ति प्रदर्शन?
राजनीतिक हलकों में इस आयोजन को केवल 'जन्मदिन' नहीं बल्कि 'शक्ति प्रदर्शन' के तौर पर देखा जा रहा है। चर्चा है कि अशोक पोरवाल एक बार फिर प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर काबिज होने की जुगत में हैं। कहा जा रहा है कि पोरवाल की रतलाम के ही एक अन्य स्थानीय मंत्री से पटरी नहीं बैठती, ऐसे में विजयवर्गीय के साथ अपनी नजदीकी दिखाकर उन्होंने एक तीर से दो निशाने साधे हैं।
एक तरफ विजयवर्गीय पोस्टर संस्कृति को खत्म करने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके समर्थकों का उत्साह और अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की होड़ इस अपील को चुनौती देती नजर आ रही है। अब देखना यह होगा कि अक्षय तृतीया पर कार्यकर्ता मंत्री जी की बात मानते हैं या 'पोस्टर वॉर' जारी रहता है।